इंजीनियर युवराज मौत मामला: 5 दिन की SIT जांच पूरी, कई अधिकारियों पर गिर सकती है गाज
- Authored by: Abhishek Raj Edited by: Pooja Kumari
- Updated Jan 25, 2026, 11:59 AM IST
Yuvraj Mehta Death Case: इंजीनियर युवराज मौत मामले में गठित एसआईटी ने अपनी जांच पूरी कर ली है। करीब पांच दिन तक चली जांच के दौरान एसआईटी ने नोएडा अथॉरिटी, पुलिस और डिजास्टर मैनेजमेंट से जुड़े अधिकारियों से पूछताछ की और 600 से अधिक पन्नों के रिकॉर्ड खंगाले। आज प्राथमिक रिपोर्ट सौंपे जाने की संभावना है।
युवराज मेहता केस में SIT ने पूरी की 5वें दिन की जांच (फाइल फोटो | ANI)
Noida Engineer Death Case: नोएडा में इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में गठित SIT ने अपनी पांचवें दिन की जांच पूरी कर ली है। इस दौरान नोएडा अथॉरिटी, पुलिस और डिजास्टर मैनेजमेंट से जुड़े अधिकारियों से पूछताछ की गई। सूत्रों के मुताबिक, SIT आज अपनी प्राइमरी रिपोर्ट सौंप सकती है। जिसके बाद कई अधिकारियों पर कार्रवाई होने की संभावना है।
SIT ने पांचों दिन की 8 घंटे लंबी जांच
सूत्रों के अनुसार, SIT ने नोएडा अथॉरिटी में करीब पांच दिन तक रोजाना लगभग 8 घंटे तक जांच की। शनिवार को नोएडा पुलिस कमिश्नर, जिलाधिकारी (DM), डीसीपी, एसीपी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) सहित नोएडा अथॉरिटी के एसीईओ, डीजीएम सिविल और ट्रैफिक सेल के अधिकारी भी मौजूद रहे।
SIT को सौंपी गई 600 पन्ने की रिपोर्ट
बताया जा रहा है कि SIT को नोएडा अथॉरिटी, पुलिस और डिजास्टर मैनेजमेंट विभाग की ओर से 600 से अधिक पन्नों की रिपोर्ट सौंपी गई है। इन रिकॉर्ड्स के आधार पर SIT ने पूरे मामले की विस्तृत जांच की है। शनिवार को दोपहर करीब 1:30 बजे से लेकर रात के करीब 9 बजे तक SIT की टीम नोएडा अथॉरिटी में मौजूद रही। वहीं, दोपहर करीब 2:30 बजे से रात 9 बजे तक टीम ने इस घटना के चश्मदीद मोनिंदर से भी पूछताछ की।
एसआईटी की जांच पूरी हो गई है और आज प्राइमरी रिपोर्ट सौंपी जा सकती है। सूत्रों का कहना है कि रिपोर्ट सामने आने के बाद कई अधिकारियों पर कार्रवाई की गाज गिर सकती है। फिलहाल सभी की नजरें SIT की रिपोर्ट पर टिकी हैं, रिपोर्ट के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
16 जनवरी को हुई युवराज की मौत
गौरतलब है कि नोएडा सेक्टर-150 में 16 जनवरी को घने कोहरे के कारण युवराज मेहता की कार पानी से भरे गड्ढे में गिर गई। जिसे एक मॉल का बेसमेंट बनाने के लिए खोदा गया था। लेकिन इस जगह कोई बैरिकेडिंग या चेतावनी का बोर्ड नहीं लगा था। इस हादसे में युवराज की डूबने से मौत हो गई। उसके परिजनों ने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की थी। जिसके बाद एसआईटी का गठन किया गया। लगातार पांच दिनों से टीम जांच कर रही है। आज इसकी रिपोर्ट आने की संभावना जताई जा रही है।
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