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Noida: फ्रीज खातों से निकालते थे करोड़ों रुपये, 29.97 लाख की साइबर ठगी का खुलासा; दो गिरफ्तार

नोएडा साइबर क्राइम थाना पुलिस ने पेटीएम पेमेंट बैंक से जुड़े एक बड़े साइबर फ्रॉड मामले का खुलासा कर दो अपराधियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने फ्रीज और लीन किए गए बैंक खातों को अवैध रूप से डीफ्रीज कर करीब 29.97 लाख रुपये धोखाधड़ी से रिलीज कराए। पुलिस ने एक आरोपी को जयपुर और दूसरे को नोएडा से पकड़ा।

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लीन खातों को करते थे डीफ्रीज (सांकेतिक चित्र)

Sk Noida News: साइबर अपराधों पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना साइबर क्राइम नोएडा पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने पेटीएम पेमेंट बैंक से जुड़े एक गंभीर साइबर फ्रॉड मामले में दो शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन अपराधियों ने फ्रीज और लीन किए गए बैंक खातों को अवैध रूप से डीफ्रीज कराकर करीब 29 लाख 97 हजार 59 रुपये की धनराशि धोखाधड़ी से रिलीज कराई।

कई शिकायतों पर हुई कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दिनांक 20/21 जनवरी 2026 को संकलित सूचना के आधार पर थाना साइबर क्राइम नोएडा की टीम ने कार्रवाई करते हुए एक अभियुक्त को जयपुर (राजस्थान) से और दूसरे को नोएडा से गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पेटीएम पेमेंट बैंक के खातों से जुड़ा संवेदनशील कंप्यूटर डाटा चोरी किया और उसका दुरुपयोग करते हुए उन खातों को डीफ्रीज कराया, जिन्हें कई शिकायतों के चलते फ्रीज या लीन किया गया था।

आगे की जांच जारी

पुलिस ने बताया कि इस मामले में पीड़ित द्वारा दिनांक 30 अगस्त 2024 को थाना साइबर क्राइम नोएडा में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी। आरोप था कि पेटीएम पेमेंट बैंक कंपनी में कार्यरत कुछ कर्मचारियों ने बिना किसी लॉ एनफोर्समेंट एजेंसी अथवा माननीय न्यायालय की अनुमति या आदेश के, बेईमानीपूर्वक फ्रीज खातों से धनराशि डीफ्रीज कराकर रिलीज कर दी।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इस मामले में पहले ही दो अभियुक्तों की गिरफ्तारी की जा चुकी है, जबकि अब गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी इस पूरे साइबर फ्रॉड नेटवर्क का अहम हिस्सा थे। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान राजेश कुमार मीणा, निवासी सवाई माधोपुर, राजस्थान, और सचिन, निवासी सीतापुर, उत्तर प्रदेश (हाल निवासी गौर सिटी, नोएडा), के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और इस बात की भी जांच की जा रही है कि इस पूरे प्रकरण में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि या साइबर धोखाधड़ी की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर ऐसे अपराधों पर रोक लगाई जा सके।

फर्जी फाइनेंस गिरोह का भी पर्दाफाश

एक दूसरे मामले में नोएडा थाना फेस-2 पुलिस और सीआरटी स्वाट-2 टीम ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए गाड़ियां फाइनेंस कर बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से थार, ग्रैंड विटारा, किया सेल्टॉस, स्कॉर्पियो-एन और अर्बन क्रूजर टेजर समेत पांच लग्जरी वाहन तथा आधार, पैन, वोटर आईडी और आरसी सहित 28 दस्तावेज बरामद हुए हैं। आरोपी फर्जी पहचान बनाकर बैंकों से लोन लेकर गाड़ियां खरीदते और किश्तें जमा किए बिना उन्हें विभिन्न राज्यों में बेच देते थे। पुलिस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है और आगे और खुलासे की संभावना है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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