देश में नेशनल हाईवे के माध्यम से लोग आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक की लंबी दूरी बिना किसी परेशानी के तय कर सकते हैं। लेकिन सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा दो लेन वाले नेशनल हाईवे को खत्म करने का फैसला लिया गया है। बता दें कि NHAI ने 'असुरक्षित' माने जाने वाले दो लेन नेशनल हाईवे को खत्म करने का फैसला लिया है। भविष्य में इन स्थान पर दूसरे राजमार्गों का निर्माण किया जाएगा। मंत्रालय ने जानकारी देते हुए बताया कि इन सड़कों पर दुर्घटना सबसे अधिक होती है। इसे खत्म करने के बाद सड़क हादसों में कमी आएगी।
सड़क दुर्घटना के आंकड़े
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (NHAI) के अधिकारी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 2022 में 4,61,312 सड़क हादसे हुए थे। इसमें करीब 1,68,491 लोगों की मौत हुई थी। अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि नेशनल हाईवे पर 36.2 फीसदी लोगों की मौत हुई है तो वहीं राज्य राजमार्गों पर 24.3 लोगों की सड़क हादसे में जान गई है। उन्होंने बताया कि इस दौरान दो लेन वाले नेशनल हाईवे को सबसे अधिक असुरक्षित माना गया है। बता दें कि दो लेन वाले राजमार्गों में डिवाइडर नहीं होते हैं। इनकी चौड़ाई भी कम होती है, जिसके कारण वाहन कई बार आगे जाने की चक्कर में दूसरी लेन में चले जाते हैं और दुर्घटना के शिकार होते हैं। इतना ही नहीं एक्सेस कंट्रोल नहीं होने के कारण वाहन बीच में घुस जाते है। इस प्रकार के तमाम कारणों के चलते सड़क हादसे होते हैं। यही वजह है दो लेन वाले नेशनल हाईवे को खत्म करने का फैसला लिया जा रहा है।
चार या छह लेन में परिवर्तित होंगे नेशनल हाईवे
NHAI ने दो लेन वाले नेशनल हाईवे को खत्म करने के बाद भविष्य में उन स्थानों पर चार लेन या छह लेन वाले नेशनल हाईवे, एक्सप्रेसेव आदि में परिवर्तित करने का फैसला लिया है। इसमें सड़क चौड़ी होगी, एक्सेस कंट्रोल होगा और लेन के बीच डिवाइडर लगाया जाएगा। सुरक्षा के आवश्यक सारे इंतजाम के साथ डीपीआर तैयार किया जाएगा और सड़क का निर्माण किया जाएगा। इससे सड़क दुर्घटना के मामलों में कमी आएगी।
