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न्यू नोएडा प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार, अगस्त से शुरू होगा जमीन अधिग्रहण; पहले चरण में 37 गांव शामिल

न्यू नोएडा (DNGIR) परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू हो गई है। पहले चरण में गौतमबुद्ध नगर और बुलंदशहर के 37 गांव शामिल हैं। किसानों से आपसी सहमति से जमीन ली जाएगी।

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न्यू नोएडा के लिए जमीन अधिग्रहण शुरू (सांकेतिक फोटो)

दादरी-नोएडा-गाजियाबाद निवेश क्षेत्र (DNGIR), जिसे न्यू नोएडा के नाम से विकसित किया जा रहा है, उसके लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। नोएडा प्राधिकरण ने किसानों से आपसी सहमति के आधार पर जमीन अधिग्रहण करने के लिए सर्वे शुरू कर दिया है। पहले चरण में 37 गांवों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी।

योजना के अनुसार, अगस्त 2026 से जमीन अधिग्रहण की औपचारिक प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। खास बात यह है कि इस नए शहर के प्रस्तावित क्षेत्रफल का 40% हिस्सा सिर्फ उद्योगों (Industries) के विकास के लिए आरक्षित रखा गया है।

जमीन का सर्वे शुरू

209.11 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में बसने वाले इस 'न्यू नोएडा' के लिए जमीन अधिग्रहण के लिए सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है। इसके लिए लेखपालों की टीम सूचीबद्ध गांवों में पहुंचकर खेतों की स्थिति, मालिकाना हक और खसरा-खतौनी के विवरण का सत्यापन कर रही है। सर्वे रिपोर्ट तैयार होने के बाद किसानों से आपसी सहमति के आधार पर जमीन खरीदने की बातचीत शुरू की जाएगी।

पहले चरण में शामिल 37 गांव

पहले चरण में दो जिलों के कुल 37 गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। जिसमें बुलंदशहर के 24 गांव और गौतमबुद्ध नगर के 13 गांव शामिल हैं।

  • बुलंदशहर के गांव
जोखाबाद, सांवली, बिरोंदी फौलादपुर, बिरोंदी तेजपुर, चोला, डिमरी आदिलपुर, गोपालपुर, हृदयपुर, कैथरा, कनवरा, काड़ू, किशनुपर, लुहाकर, मुरादाबाद, नगलाबरोधा, नवादा, राजरमपुर, राजपुर खुर्द, सबदलपुर, सलेमपुर कायस्थ, शाहपुर कालन, सेरपुर और सिकरा।
  • गौतमबुद्ध नगर के गांव
आनंदपुर, बैरंगपुर (नई बस्ती), बील अकबरपुर, छायसा, दया नगर, गिरिराजपुर, कोट, मिलक खंडेरा, नगला कामरू, नगला न्यानसुख, नेकरामपुर (विशनुपर), फूलपुर और सैंथली।

किसानों के लिए क्या है मुआवजे की दर?

जानकारी के अनुसार, जमीन अधिग्रहण किसानों की आपसी सहमति से ही किया जाएगा। मुआवजे के लिए 4,300 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर तय की गई है। इसके अलावा 3,800 प्रति वर्गमीटर के साथ 7 प्रतिशत विकसित भूखंड (Plot) देने का विकल्प भी रखा गया है।

अवैध निर्माण पर नहीं मिलेगा मुआवजा

प्राधिकरण ने अवैध कब्जों और निर्माण को रोकने के लिए सख्त रुख अपनाया है। 18 अक्टूबर 2024 के बाद किया गया कोई भी निर्माण पूरी तरह अवैध माना जाएगा। निर्माण की तारीख और स्थिति की पुष्टि के लिए सैटेलाइट तस्वीरों की मदद ली जाएगी। इस कट-ऑफ डेट के बाद बने निर्माणों को आबादी नहीं माना जाएगा और न ही इसका कोई मुआवजा दिया जाएगा।

किस रूप में विकसित होगा 'न्यू नोएडा'?

न्यू नोएडा को एक आधुनिक इंडस्ट्रियल, रेजिडेंशियल और लॉजिस्टिक्स हब के तौर पर विकसित किया जाएगा। कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए हर गांव की जमीन लेने के बाद इसके चारों ओर ईस्टर्न पेरीफेरल बनाने का भी प्रस्ताव है, जिससे वाहनों का आवागमन सुगम हो सके।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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