दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में बना अवदाब एक भीषण चक्रवात 'मोंथा' के रूप में बदल गया है। यह चक्रवात मुख्य रूप से तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा को प्रभावित करेगा तथा इसके कारण झारखंड और तमिलनाडु में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। इस बीच चक्रवात 'मोंथा' को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) ने राहत और बचाव कार्यों के लिए बचाव कर्मियों की 45 टीम तैनात की गई हैं। एनडीआरएफ ने मंगलवार सुबह बताया कि इनमें से 25 दलों को विभिन्न राज्यों में पहले से तैनात किया गया है, जबकि शेष को 'बैकअप' के रूप में रखा गया है।
कहां-कहां तैनात की गई टीमें
न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, अधिकारियों ने बताया कि आंध्र प्रदेश में 10 टीम, ओडिशा में छह, तमिलनाडु और तेलंगाना में तीन-तीन, छत्तीसगढ़ में दो और पुडुचेरी में एक टीम तैनात की गई है। NDRF ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल तैनाती के लिए सामरिक रूप से महत्वपूर्ण स्थानों पर 20 अतिरिक्त टीम को तैयार रहने को कहा गया है। इनमें से प्रत्येक टीम को निकासी, राहत और बहाली कार्यों के लिए नावों, लोहे और लकड़ी काटने वाली मशीनों, संचार उपकरणों और अन्य विशेष बचाव उपकरणों से लैस किया गया है।
बल ने कहा, "एनडीआरएफ की टीम समय पर निकासी और सुरक्षा सलाह के लिए स्थानीय प्रशासन के माध्यम से संवेदनशील क्षेत्रों में जन जागरूकता अभियान और सामुदायिक संवेदीकरण गतिविधियां चल रही हैं।" भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि चक्रवात मोंथा मंगलवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे एक भीषण चक्रवाती तूफान का रूप ले चुका है। एनडीआरएफ ने कहा कि मोंथा के 28 अक्टूबर की शाम/रात के दौरान काकीनाडा के आसपास मछलीपत्तनम और कानगरत्नम के बीच एक भीषण चक्रवाती तूफान के रूप में आंध्र प्रदेश तट को पार करने की "काफी संभावना" है। इस बीच लोगों को संवेदनशील क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी गई है। लोगों को अपने घर में सुरक्षित रहने की सलाह दी गई है।
(इनपुट - भाषा)
