मुजफ्फरपुर में आयोजित एक मेले में भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव के कार्यक्रम के दौरान भारी बवाल हो गया। इस दौरान लोगों की भारी भीड़ उमड़ आई और देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई। जिस कारण मेला क्षेत्र में पत्थरबाजी, लाठीचार्ज और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। जिससे अफरा-तफरी मच गई। इस हिंसक झड़प में दर्जनों लोगों के घायल होने की सूचना है। पुलिस ने वीडियो के आधार पर उपद्रवियों की पहचान शुरू कर दी है। पुलिस ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बाबू अर्जुन राय मेला में लाठीचार्ज और पत्थरबाजी
जानकारी के अनुसार, पूर्व मंत्री और भाजपा नेता रामसूरत राय द्वारा गरहा में ‘बाबू अर्जुन राय मेला’ आयोजित किया गया था। जिसमें भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव का कार्यक्रम भी आयोजित था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, खेसारी को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। जिस करण आयोजन स्थल की क्षमता से कहीं अधिक भीड़ वहां उमड़ पड़ी। जैसे ही कार्यक्रम शुरू हुआ, प्रशंसक मंच के करीब जाने की कोशिश करने लगे। इसी दौरान मेला कमेटी के सुरक्षाकर्मियों और कुछ ग्रामीणों के बीच किसी बात पर कहासुनी हो गई, जो हिंसक झड़प में बदल गई।
हालात को काबू करने के लिए मेला सुरक्षा गार्डों को लाठीचार्ज करना पड़ा, लेकिन इससे भीड़ और उग्र हो गई। इसके जवाब में लोगों ने सुरक्षाकर्मियों पर जमकर पत्थरबाजी शुरू कर दी। जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इस भगदड़ जैसी स्थिति में दर्जनों लोगों के चोटिल होने की खबर है।
हाईवे पर यातायात हुआ ठप
मेला क्षेत्र में हुए इस हंगामे का असर आसपास के इलाके में भी देखने को मिला। इस घटना के कारण नेशनल हाईवे पर करीब चार घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा। जिससे यात्रियों को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। जिसमें साफ देखा जा सकता है कि एक ओर सुरक्षाकर्मी भीड़ को काबू करने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आक्रोशित लोग पत्थरबाजी कर रहे हैं।
पुलिस ने कहा दोषियों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई
मामले को गंभीरता को देखते हुए मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने बताया कि मेला आयोजन के लिए प्रशासन से अनुमति ली गई थी। जिसके आधार पर सुरक्षा के लिए 150 पुलिसकर्मियों के साथ चार थानों के प्रभारी और एक डीएसपी को तैनात किया गया था। हालांकि, आयोजकों द्वारा भीड़ के अनुसार पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए थे। फिलहाल पुलिस वीडियो के आधार पर उपद्रवियों की पहचान करने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
