Vande Bharat Sleeper Train: मुंबई और अहमदाबाद के बीच जल्द ही वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का संचालन किया जाएगा। ट्रेन का ट्रायल रन बुधवार 15 जनवरी को ही पूरा हुआ है। फिलहाल ट्रेन को किस रूट पर रैंक किया जाएगा, इसका फैसला नहीं लिया गया है। इसकी तैनाती का फैसला रेलवे बोर्ड द्वारा लिया जाएगा। ट्रायल रन के सफलतापूर्वक होने के बाद अंतिम सर्टिफिकेट यानी प्रमाण पत्र का इंतजार किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि प्रमाण पत्र अगले सप्ताह तक जारी किया जाएगा। उसके बाद सेवाएं और मार्ग पर वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की तैनाती का निर्णय भी लिया जाएगा।
पूरा हुआ मुंबई-अहमदाबाद वंदे भारत स्पीलर ट्रेन का ट्रायल
बुधवार को वंदे भारत स्लीपर ट्रेन अहमदाबाद से सुबह 7:29 बजे रवाना हुई और दोपहर 1:05 बजे मुंबई सेंट्रल रेलवे स्टेशन पहुंची। इसके बाद मुंबई सेंट्रल से 2:45 बजे अहमदाबाद के लिए रवाना हुई। इस दौरान ट्रेन 130 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रैक पर दौड़ती नजर आई। जानकारी के लिए बता दें कि इस ट्रेन का ये पहला ट्रायल नहीं था। बीते तीन दिनों से वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का ट्रायल जारी है। कई बार परीक्षण के दौरान ट्रेन की अधिकतम स्पीड 180 किमी प्रति घंटा हासिल कर ली गई है।
1 जनवरी को रोहल खुर्द और कोटा के बीच 40 किमी की दूरी पर 180 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेन ने अपनी अधिकतम गति हासिल की। इस दौरान कोटा-नागदा और रोहल खुर्द-चौ महला सेक्शन पर 170 किमी और 160 किमी प्रति घंटा की रफ्तार दर्ज की गई। उसके बाद 2 जनवरी को राजस्थान के बूंदी जिले में कोटा और लोबान के बीच 30 किमी के परीक्षण के दौरान ट्रेन 180 किमी प्रति घंटा की स्पीड से चलाई गई थी। अब बस अंतिम मूल्यांकन को मंजूरी मिलने का इंतजार किया जा रहा है। मंजूरी मिलने के बाद ट्रेन का संचालन किया जाएगा और मार्ग के साथ समय आदि का निर्धारण किया जाएगा।
मुंबई-अहमदाबाद वंदे भारत स्लीपर ट्रेन
मुंबई से अहमदाबाद चलने वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन 16 कोच वाली है। इन 16 कोच में 11 एसी3 टियर कोच, 4 एसी-2 टियर और 1 फर्स्ट एसी कोच है। फर्स्ट एसी कोच में 24 सीट हैं और अन्य एसी कोच में 48 सीटें हैं। इस ट्रेन मोबाइल चार्जिंग से लेकर कई आवश्यक सुविधाएं दी गई है। ट्रेन में टाइप ए और सी उपकरणों के लिए चार्जिंग पोर्ट दिया गया है। सुचारु आवागमन के लिए संयुक्त गैंगवे, दोनों सिरों पर डॉग बॉक्स, पर्याप्त लिनन स्पेस, परिचालकों के लिए 38 स्पेशल सीट दी गई है। साथ ही हर कोच में अग्नि सुरक्षा के लिए एचएल3 दी गई है। दृष्टि बाधित यात्रियों की सुविधा के लिए ब्रेल नेविगेशन को भी शामिल किया गया है।
