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Atal Setu Toll Tax : अटल सेतु पर फर्राटा भरना नहीं होगा आसान, लाखों में चुकाना होगा टोल टैक्स, देखिए पूरी लिस्ट

अटल सेतु पर से आवागमन करने वालों के लिए टोल टैक्स तय किया गया है, जिसकी कीमत काफी ज्यादा है। पैसेंजर कार पर एक बार की यात्रा पर 250 रुपये का टोल लगेगा। आइये जानते हैं किसे कितना टोल देना होगा।

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Atal Setu Toll Tax : अटल सेतु पर फर्राटा भरना नहीं होगा आसान, लाखों में चुकाना होगा टोल टैक्स, देखिए पूरी लिस्ट

मुंबई: देश के सबसे बड़े समुद्री पुल का शुक्रवार को पीएम नरेंद्र मोदी उद्घाटन कर दिया। इस अत्याधुनिक जापानी तकनीक से लैस मुंबई ट्रांस-हार्बर लिंक (MTHL) को 'अटल बिहारी वाजपेयी सेवरी-न्हावा शेवा अटल सेतु' नाम दिया गया है। इस सेतु के शुभारंभ से मुंबई और नवी मुंबई के बीच दो घंटे का सफर महज 20 मिनट में पूरा कर लिया जाएगा, लेकिन इस सेतु पर चलना आसान नहीं है। इसके लिए वाहन चालकों को बड़ी राशि चुकानी होगी। अटल सेतु पर से आवागमन करने वालों के लिए टोल टैक्स तय किया गया है, जिसकी कीमत काफी ज्यादा है। बताया गया है कि पैसेंजर कार पर एक बार की यात्रा पर 250 रुपये का टोल लगेगा। वहीं, अगर वापस भी लौटते हैं तो फिर कुल 375 रुपये का टोल देना होगा। हालांकि, रोजाना सफर करने वालों के लिए डेली और मंथली पास का भी विकल्प है। आइये समझते हैं हल्के-भारी वाहनों को के लिए क्या रेट तय किए गए हैं।

कार के लिए महीने के देने होंगे 12 हजार से ज्यादा

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कार से सफर करने वालों का डेली पास 625 रुपये और मंथली पास 12,500 रुपये में बनेगा। इस तरह अगर आप प्रत्येक महीने 12,500 रुपये का पास बनवाएंगे तो साल भर के हिसाब से डेढ़ लाख रुपये का आंकड़ा बैठता है। साल भर के पास की कुछ रियायत भी मिल गई तो भी बड़ा अमाउंट आपको चुकाना होगा।

मिनी बस के लिए देना होगा इतना टोल टैक्स

इसी प्रकार मिनी बस को एक बार सेतु क्रॉस करने के लिए 400 रुपये का टोल कटाना होगा, वहीं वापसी करने पर 200 रुपये देने होंगे। इस प्रकार एक बार आने जाने के लिए 600 रुपये का भुगतान करना होगा। डेली पास के लिए 1000 रुपये तय किए गए हैं, जबिक महीने भर का पास अगर बनवाते हैं तो कुल 20 हजार रुपये अदा करने पड़ेंगे। आइये टेबल के माध्यम से समझते हैं किसको कितने रुपये खर्च करने होंगे।

अटल सेतु टोल टैक्स

अटल सेतु टोल टैक्स

20,000 करोड़ की लागत

जानकारी के मुताबिक, इस परियोजना के निर्माण 20,000 करोड़ की लागत लगी है। इस परियोजना को मुंबईकरों के लिए एक वरदान के रूप में देखा जा रहा है।अभी आमतौर पर ट्रैफिक के बीच मुंबई और नवी मुंबई के बीच 42 किमी ड्राइव करना पड़ता है। मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एमएमआरडीए) के मेट्रोपॉलिटन कमिश्नर संजय मुखर्जी ने कहा कि अटल सेतु 22 किमी लंबा है। इसका उद्देश्य यात्रा के समय और लीटर ईंधन को बचाना है। यह लाइन दक्षिण मुंबई में सेवरी से निकलती है और नवी मुंबई में न्हावा शेवा के पास चिरले में समाप्त होती है, लेकिन सेवरी, शिवाजीनगर, राज्य राजमार्ग -54 और एनएच-348 पर इंटरचेंज करती है, जो पुणे, गोवा और भागों के लिए बहुत आवश्यक कनेक्टिविटी का विस्तार करती है।

इन वाहनों के लिए प्रतिबंध

मुंबई ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, अटल सेतु पर मोटर साइकिल, मोपेड, थ्री-व्हीलर टैम्पो, ऑटो रिक्शा, ट्रैक्टर और धीमी गति से चलने वाली गाड़ियों को ले जाने की मंजूरी नहीं होगी। इस पर कार, टैक्सी, लाइट मोटर व्हीकल, मिनी बस, टू-एक्सल बस, छोटे ट्रक ही आ-जा सकेंगे।

70,000 वाहनों की क्षमता

एमटीएचएल के शुभारंभ से मुंबई से नवी मुंबई केवल 20 मिनट में पहुंचना संभव हो गया है। 22 किमी लंबे ब्रिज में 16.5 किमी. हिस्सा पानी पर है और 5.5 किमी का एलिवेटेड रोड है। ब्रिज खुलने के बाद मुंबई से नवी मुंबई, नवी मुंबई एयरपोर्ट, मुंबई-पुणे एक्सप्रेस, मुंबई गोवा हाइवे तक बगैर ट्रैफिक में फंसे पहुंचना आसान हो गया है। देश का सबसे लंबे ब्रिज पर वाहनों को 100 किमी की स्पीड से गाड़ी दौड़ाने की अनुमति दी गई है। इसमें रोजना 70,000 वाहनों की क्षमता के लिए डिज़ाइन किया गया है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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