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Shivaji Statue Collapsed: शिवाजी की मूर्ति गिरने के मामले में कार्रवाई, स्ट्रक्चरल कॉन्ट्रैक्टर चेतन पाटिल गिरफ्तार, सफाई में कही ये बात

Shivaji Statue Collapsed Case: कोल्हापुर क्राइम ब्रांच ने सिंधुदुर्ग में शिवाजी की प्रतिमा गिरने के मामले में स्ट्रक्चरल कंसल्टेंट चेतन पाटिल को गिरफ्तार किया है।

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स्ट्रक्चरल कॉन्ट्रैक्टर चेतन पाटिल कोल्हापुर से गिरफ्तार

Photo : BCCL
KEY HIGHLIGHTS
  1. स्ट्रक्चरल कॉन्ट्रैक्टर चेतन पाटिल कोल्हापुर से गिरफ्तार
  2. पाटिल ने जोर देकर कहा कि मूर्ति में उनकी कोई भूमिका नहीं है
  3. दावा है कि 45 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से बहने वाली हवाओं के कारण यह प्रतिमा ढह गई

Shivaji Statue Collapsed Case Update: महाराष्ट्र में कोल्हापुर क्राइम ब्रांच ने सिंधुदुर्ग में शिवाजी की प्रतिमा गिरने के मामले में स्ट्रक्चरल कंसल्टेंट चेतन पाटिल को गिरफ्तार कर लिया है, कोल्हापुर पुलिस ने आरोपी को मालवन पुलिस को सौंप दिया है गौर हो कि महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा गिरने के मामले में शुक्रवार को पहली गिरफ्तारी हुई है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक चेतन पाटिल ने कहा कि ठाणे स्थित एक कंपनी ने प्रतिमा से संबंधित काम किया और मुझे सिर्फ उस प्लेटफॉर्म पर काम करने के लिए कहा गया था, जिस पर प्रतिमा लगाई जा रही थी, उन्होंने जोर देकर कहा कि मूर्ति में उनकी कोई भूमिका नहीं है। बता दें कि दावा है कि 45 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से बहने वाली हवाओं के कारण यह प्रतिमा ढह गई।

'मैं छत्रपति शिवाजी महाराज के चरणों में सिर रखकर एक बार नहीं सौ बार माफी मांगता हूं'

वहीं एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने को कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज हम सभी की पहचान हैं, हमारे देवता हैं कृपया इसका राजनीतिकरण न करें मैं उनके चरणों में सिर रखकर एक बार नहीं सौ बार माफी मांगता हूं हम उन्हीं का अनुसरण कर राज्य का कामकाज चला रहे हैं इसलिए मैं उन्हें नमन करता हूं। इससे पहले छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति गिरने की घटना पर आलोचनाओं का सामना कर रहे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने गुरुवार को कहा था कि अगर जरूरत पड़ी तो वह योद्धा राजा के पैर छूने और घटना के लिए 100 बार माफी मांगने में संकोच नहीं करेंगे।

एक तकनीकी समिति गठित की है

शिंदे ने कहा कि विपक्ष के पास राजनीति करने के लिए अन्य मुद्दे हैं लेकिन महाराष्ट्र में पूजनीय शिवाजी महाराज को इससे दूर रखा जाना चाहिए। सिंधुदुर्ग जिले में चार दिन पहले मूर्ति गिरने की घटना के बाद से ही राज्य सरकार ने दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए एक तकनीकी समिति गठित की है, जबकि उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के नेतृत्व में सत्तारूढ़ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सदस्यों ने इस घटना को लेकर पूरे महाराष्ट्र में मौन विरोध प्रदर्शन किया।

35 फुट ऊंची प्रतिमा 26 अगस्त को ढह गई

गौर हो कि राजकोट किले के परिसर में स्थापित 17वीं सदी के मराठा साम्राज्य के संस्थापक की 35 फुट ऊंची प्रतिमा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अनावरण किए जाने के करीब नौ महीने बाद 26 अगस्त को ढह गई, जिससे राज्य में राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया, जहां अगले कुछ महीनों में चुनाव होने हैं। राज्य सरकार ने बताया है कि इस परियोजना को भारतीय नौसेना ने संभाला था। नौसेना ने गुरुवार को कहा कि उसने राज्य सरकार के साथ समन्वय में शिवाजी की मूर्ति स्थापित करने की परियोजना की अवधारणा बनाई और उसका संचालन किया, जिसने इसके लिए धन मुहैया कराया।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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