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Samruddhi Mahamarg: समृद्धि महामार्ग पूरी तरह से तैयार, मुंबई-नागपुर के बीच सफर घटकर 8 घंटे में होगा पूरा

समृद्धि महामार्ग अब पूरी तरह तैयार है। 701 किलोमीटर लंबे इस महामार्ग का अंतिम चरण, इगतपुरी से मुंबई तक का 76 किलोमीटर का हिस्सा, पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जल्द ही इसका उद्घाटन करेंगे। यह महामार्ग मुंबई और नागपुर के बीच की यात्रा को 16 घंटे से घटाकर केवल 8 घंटे में पूरा करने में सक्षम होगा।

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समृद्धि महामार्ग।

Photo : Times Now Digital

Samruddhi Mahamarg: महाराष्ट्र का सबसे बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट समृद्धि महामार्ग (Maharashtra Samruddhi Mahamarg) पूरी तरह से तैयार है। 701 किलोमीटर लंबे इस महामार्ग का आखिरी चरण इगतपुरी से मुंबई तक का 76 किलोमीटर का हिस्सा, बनकर तैयार हो चुका है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जल्द ही इसका उद्घाटन कर सकते हैं। यह महामार्ग मुंबई से नागपुर के बीच की दूरी को 16 घंटे से घटाकर 8 घंटे में तय करने में मदद करेगा। इसे महाराष्ट्र के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए गेम चेंजर माना जा रहा है।

देवेंद्र फडणवीस का ड्रीम प्रोजेक्ट

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का यह ड्रीम प्रोजेक्ट उनके विज़न का परिणाम है। उन्होंने इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवेलपमेंट कॉर्पोरेशन (MSRDC) के मैनेजिंग डायरेक्टर, डॉ. अनिल कुमार बलीराम गायकवाड़, को विशेष जिम्मेदारी सौंपी।

डॉ. गायकवाड़, जो "सर्वश्रेष्ठ अभियंता पुरस्कार" और "राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार" से सम्मानित हैं, ने पहले भी कई बड़े प्रोजेक्ट्स समय से पहले पूरे किए हैं। वे इस प्रोजेक्ट के साथ बांद्रा-वर्सोवा सी लिंक, ठाणे क्रीक ब्रिज और मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे मिसिंग लिंक जैसे कई अहम प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं।

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समृद्धि महामार्ग की खासियतें

  • लंबाई: 701 किलोमीटर लंबा और 6 लेन वाला यह महामार्ग देश का सबसे हाईटेक एक्सप्रेसवे है।
  • स्पीड: इसे 150 किलोमीटर प्रति घंटे की गति के लिए डिजाइन किया गया है।

सुविधाएं:

  • 65 फ्लाईओवर, 24 इंटरचेंज, 6 सुरंगें।
  • 30 फ्यूल स्टेशन, 21 एंबुलेंस और क्विक रिस्पांस व्हीकल।
  • 8 किलोमीटर लंबी हाईटेक ट्विन टनल, जो जर्मन तकनीक से लैस है।
  • वन्यजीव सुरक्षा के लिए 100 से अधिक संरचनाएं बनाईं गई है ताकि वन्यजीव सुरक्षित तरीके से एक्सप्रेसवे पार कर सकें।

सामाजिक और आर्थिक प्रभाव

  • इस प्रोजेक्ट से महाराष्ट्र के 10 जिलों को सीधे और 14 जिलों को अप्रत्यक्ष रूप से कनेक्टिविटी मिली है।
  • 18 नए स्मार्ट टाउन विकसित किए जाएंगे।
  • स्थानीय उद्योगों और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
  • ट्रांसपोर्ट लागत घटेगी और आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी।

उपलब्धियां और आंकड़े

पिछले दो सालों में समृद्धि महामार्ग पर 1.52 करोड़ गाड़ियां सफर कर चुकी हैं, जिससे टोल के रूप में 1100 करोड़ रुपये की कमाई हुई है।

जनता को नए साल का तोहफा

केंद्र में नरेंद्र मोदी और राज्य में देवेंद्र फडणवीस की सरकार के लिए यह प्रोजेक्ट बेहद खास है। नए साल की शुरुआत से राज्य की जनता इस महामार्ग का लाभ उठा सकेगी।

Rakesh Kamal Trivedi
राकेश त्रिवेदीauthor

20 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ टीवी पत्रकारिता में सक्रिय, वर्तमान में TIMES NOW नवभारत में न्यूज़ एडिटर। क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज़्म में मजबूत पकड़ के साथ महाराष्ट्र की राजनीति और हाई-इम्पैक्ट राष्ट्रीय खबरों पर गहरी नज़र। डेटा-ड्रिवन रिसर्च, निर्भीक सवाल, ऑन-ग्राउंड एक्सपीरियंस और बेबाक विश्लेषण का संतुलित मिश्रण उनकी शैली की खासियत है।

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