छत्रपति संभाजीनगर जिले में औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग से जुड़ा विवाद बढ़ता ही जा रहा है। औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। इस याचिका में मामले की जल्द सुनवाई की मांग की गई है। आरटीआई कार्यकर्ता केतन तिरोडकर ने ये याचिका दायर की है।
याचिका ने केतन तिरोडकर ने क्या दी दलील?
कब्र को हटाने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में दायर याचिका में केतन तिरोडकर ने ये दलील दी है कि औरंगजेब का मकबरा राष्ट्रीय स्मारक की परिभाषा में फिट नहीं बैठता है। इसमें अगली पीढ़ी को विरासत में देने या सिखाने लायक कुछ भी नहीं है। इसलिए याचिका में मांग की गई है कि केंद्रीय पुरातत्व विभाग को महाराष्ट्र के खुलताबाद, संभाजीनगर में औरंगजेब के कब्र को ऐतिहासिक स्मारकों की सूची से हटाने का निर्देश दिया जाए।
याचिका में ये भी कहा गया है कि राज्य सरकार को चाहिए कि इस मकबरे को पुरातत्व विभाग की सूची से हटाकर, इसे स्थायी रूप से हटा दिया जाए ताकि भविष्य में फिर से सांप्रदायिक तनाव पैदा न हो।
चादर जलाने की अफवाहों के बाद भड़की थी हिंसा
छत्रपति संभाजीनगर जिले में औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग को लेकर विश्व हिंदू परिषद के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन के दौरान पवित्र आयत लिखी चादर जलाने की अफवाहों के बाद सोमवार शाम नागपुर के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर पथराव और आगजनी की घटनाएं हुईं।
सोमवार को नागपुर में हुई हिंसा के दौरान पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) रैंक के तीन अधिकारियों सहित 33 पुलिस कर्मी घायल हो गए। नागपुर की एक अदालत ने मामले में 17 आरोपियों को 22 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस ने हिंसा के मुख्य आरोपी फहीम खान और पांच अन्य पर देशद्रोह और सोशल मीडिया पर गलत सूचना फैलाने के आरोप में मामला दर्ज किया है।
