मुंबई

'एक फ्लैट और पांच करोड़ रुपये...', ओलंपिक मेडलिस्ट के पिता ने महाराष्ट्र सरकार से की डिमांड

ओलंपिक मेडलिस्ट स्वप्निल कुसाले के पिता ने महाराष्ट्र सरकार से डिमांड की है कि उनके बेटे को पुरस्कार राशि के रूप में पांच करोड़ रुपये और एक फ्लैट मिलना चाहिए। उनके बेटे को महाराष्ट्र सरकार की ओर से दो करोड़ रुपये मिला है, जिस पर उन्होंने निराशा व्यक्त की।

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फाइल फोटो।

Photo : PTI

पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले निशानेबाज स्वप्निल कुसाले के पिता ने महाराष्ट्र सरकार से उनके बेटे को मिली दो करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि उनका बेटा इससे अधिक सम्मान राशि पाने का हकदार है। बता दें कि कोल्हापुर के रहने वाले 29 वर्षीय स्वप्निल कुसाले ने अगस्त में पेरिस ओलंपिक खेलों की निशानेबाजी प्रतियोगिता में 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था।

महाराष्ट्र सरकार से पांच करोड़ की डिमांड

उनके पिता सुरेश कुसाले ने कहा कि उनके बेटे को पांच करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि और पुणे के बालेवाड़ी में छत्रपति शिवाजी महाराज खेल परिसर के पास एक फ्लैट मिलना चाहिए। उन्होंने कोल्हापुर में पत्रकारों से कहा कि हरियाणा सरकार अपने प्रत्येक (ओलंपिक पदक विजेता) खिलाड़ी को पांच करोड़ रुपये देती है। महाराष्ट्र सरकार की नई नीति के अनुसार ओलंपिक कांस्य पदक विजेता को दो करोड़ रुपये मिलेंगे। राज्य ऐसे मानदंड क्यों तय करता है जबकि स्वप्निल पिछले 72 वर्षों में (1952 में पहलवान केडी जाधव के बाद) महाराष्ट्र के केवल दूसरे व्यक्तिगत ओलंपिक पदक विजेता हैं।

क्या है नियम?

बता दें कि हरियाणा सरकार स्वर्ण पदक विजेता को छह करोड़ रुपये, रजत पदक विजेता को चार करोड़ रुपये और कांस्य पदक विजेता को 2.5 करोड़ रुपये देती है। महाराष्ट्र सरकार इसके लिए क्रमश: पांच करोड़, तीन करोड़ और दो करोड रुपए की पुरस्कार राशि प्रदान करती है।

पांच करोड़ के साथ-साथ फ्लैट भी मांगी

सुरेश कुसाले ने कहा कि स्वप्निल को पुरस्कार के रूप में पांच करोड़ रुपये और बालेवाड़ी खेल परिसर के पास एक फ्लैट मिलना चाहिए ताकि वह आसानी से अभ्यास के लिए आ-जा सके। यही नहीं इस परिसर में 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन निशानेबाजी क्षेत्र का नाम स्वप्निल के नाम पर रखा जाना चाहिए।

Devshanker Chovdhary
Devshanker Chovdhary author

<p>देवशंकर चौधरी मार्च 2024 से Timesnowhindi.com के साथ करियर को आगे बढ़ा रहे हैं और बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। टाइम्स नाउ सिटी टीम में वह इंफ्रा, डेवलपमेंट, पॉलिटिक्स और लोगों से जुड़ी स्टोरी करते हैं। हर स्टोरी में अलग एंगल निकालने पर फोकस रहता है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं।&nbsp;बीते वर्षों में टेलीविजन और डिजिटल मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं। इससे पहले इन्होंने दैनिक जागरण, यूनीवार्ता, एबीपी न्यूज और रोहतास पत्रिका में काम किया है। दैनिक जागरण में रियल टाइम डेस्क पर काम कर चुके हैं, जहां वर्ल्ड अफेयर्स और नेशनल बीट की खबरें करते थे। यूनीवार्ता में नेशनल और विदेश डेस्क पर काम कर चुके हैं। एबीपी न्यूज में डिजिटल टीम का हिस्सा रह चुके हैं। रोहतास पत्रिका में काम करने के दौरान कोविड काल में बिहार के कई जिलों में घूम-घूम कर काम करने का अनुभव है। ग्रेजुएशन के दौरान ही पत्रकारिता से जुड़ गए थे, जिस दौरान दैनिक अखबारों के साथ काम किया है। अकाउंटिंग एंड मैनेजमेंट ऑनर्स में स्नातक और जनसंचार में स्नातकोत्तर हैं।</p>

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