गोंदिया में इनामी नक्सली समेत 11 ने किया आत्मसमर्पण
Maharashtra: महाराष्ट्र की गोंदिया पुलिस को नक्सल विरोधी अभियानों में एक बड़ी सफलता मिली है। CPI (माओवादी) के अति-प्रभावशाली MMC (महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़) जोन के प्रवक्ता और 25 लाख रुपये के इनामी नक्सली विकास नागपुरे उर्फ अनंत ने आज अपने 10 अन्य साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सली पर लाखों रुपये के इनाम था। इस सामूहिक आत्मसमर्पण को नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियानों में एक बड़ी जीत माना जा रहा है, क्योंकि अनंत माओवादियों के शीर्ष नेतृत्व और प्रचार विंग का एक महत्वपूर्ण चेहरा था।
आत्मसमर्पण करने से कुछ समय पहले, 22 नवंबर को, नक्सली अनंत ने छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्रियों के नाम एक पत्र लिखा था। इस पत्र में अनंत ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की इच्छा जताई थी और कहा था कि वह अपने साथियों से इस संबंध में चर्चा करना चाहता है। इसके लिए उसने तीनों राज्य की सरकारों से 15 फरवरी तक का समय मांगा था। पत्र के अनुसार, अनंत ने सरकारों से अपील की थी कि इस अवधि के दौरान जोन में सुरक्षा बलों के अभियानों, जैसे गश्त, गिरफ्तारी और मुठभेड़ को पूरी तरह से रोक दिया जाए, ताकि वह निर्बाध रूप से अपने साथियों से संपर्क स्थापित कर सके और उन्हें आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित कर सके।
सूत्रों के मुताबिक, इस सामूहिक आत्मसमर्पण के पीछे मुख्य कारण सुरक्षा बलों द्वारा नक्सल प्रभावित इलाकों में चलाई जा रही सख्त और लगातार कार्रवाई है। सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव और लगातार चलाए जा रहे एंटी-नक्सल अभियानों के कारण नक्सली अनंत और उसके साथियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण करने का फैसला किया। बता दें कि यह पहली बार नहीं है, इससे पहले भी, देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल में बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था।