मुंबई

अनाज व्यापारी के साथ 16 करोड़ रुपये की ठगी, दंपति के खिलाफ मामला दर्ज

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated May 27, 2023, 04:04 PM IST

Mumbai Crime News in Hindi: अगस्त 2021 से लेकर अब तक आरोपियों ने पीड़ित से अनाज की खरीदारी की, लेकिन पीड़ित को एक भी पैसे का भुगतान नहीं किया। शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपी दंपति कुछ महीने पहले गायब हो गए।

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Mumbai Police, Crime

Photo : iStock

Mumbai Crime: महाराष्ट्र में नवी मुंबई के एक व्यापारी के साथ 16 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में एक दंपति के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, बीते कुछ वर्षों में खरीदे गये खाद्यान्न की रकम का भुगतान नहीं कर व्यापारी से कथित रूप से लगभग 16 करोड़ रुपये की ठगी की गई। मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

अधिकारी ने बताया कि पीड़ित ने हाल ही में व्यापारी दंपति के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी जिसके आधार पर आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 420 (धोखाधड़ी), और धारा 409 (आपराधिक विश्वासघात) के तहत मामला दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि पीड़ित नवी मुंबई के वाशी इलाके के कृषि उत्पाद बाजार समिति में खाद्यान्न का कारोबार करता है।

अगस्त 2021 से नहीं किया कोई भुगतान

अधिकारी ने बताया, अगस्त 2021 से लेकर अब तक आरोपियों ने पीड़ित से अनाज की खरीदारी की, लेकिन पीड़ित को एक भी पैसे का भुगतान नहीं किया। शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपी दंपति कुछ महीने पहले गायब हो गए, जिसके बाद उसने दंपति के लौटने का इंतजार किया, लेकिन बहुत दिनों तक इंतजार करने के बाद जब उसे लगा कि उसके साथ धोखा हुआ है तब पुलिस से संपर्क किया। अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच जारी है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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