Mumbai News: नासिक के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को जल्द उच्च स्तर की सुविधा और शिक्षा मिलने वाली है। नासिक म्यूनिसिपल स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनएमएससीडीसीएल) ने नासिक म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन (एनएमसी) के स्कूलों में विकासात्मक कार्यों को करने और उसे स्मार्ट स्कूलों में बदलने के लिए एजेंसियों को अंतिम रूप दे दिया है। हालांकि स्कूलों में काम करने का यह आदेश भारत के चुनाव आयोग की मंजूरी के बाद ही दिया जाएगा। स्कूलों के विकास के लिए एनएमएससीडीसीएल ने एक स्मार्टी सिटी सेल तैयार किया है।
इस सेल ने बुनियादी ढांचे के विकास और बच्चों के लिए डिजिटल बोर्ड, प्रोजेक्टर और ई-पुस्तकों को पेश करके एनएमसी द्वारा संचालित 69 स्कूलों को स्मार्ट स्कूलों में बदलने की योजना बनाई है। इस बाबत एनएमएससीडीसीएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सुमंत मोरे ने कहा है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है और एजेंसियों को भी अंतिम रूप दे दिया गया है।
659 कक्षाओं के साथ 69 स्कूलों को डिजिटाइज
उन्होंने कहा है कि चूंकि स्नातक विधानसभा क्षेत्र के चुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता लागू है, इसलिए वर्क ऑर्डर देने की प्रक्रिया अटकी हुई है। एक बार ईसीआई की ओर से मंजूरी मिल जाएगी तो आगे काम शुरू कर दिया जाएगा। अधिकारी ने कहा है कि परियोजना के लिए आवश्यक कुल धनराशि लगभग 70.3 करोड़ रुपये होगी, उन्होंने कहा कि कई कंपनियां कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी के तहत स्कूलों पर खर्च करने के प्रस्ताव भी लेकर आई हैं। एनएमसी ने स्मार्ट स्कूल परियोजनाओं के तहत 659 कक्षाओं के साथ 69 स्कूलों को डिजिटाइज करने के लिए शॉर्टलिस्ट किया है, जिन्हें नौ महीने के भीतर काम पूरा करना होगा। कुछ कार्य स्कूलों के अवकाश की अवधि में कराये जायेंगे।
शैक्षिक उपकरण के साथ-साथ ऑडियो-विजुअल गैजेट शामिल
एनएमएससीडीसीएल ने कहा है कि अन्य कार्यों को छुट्टियों के दौरान किया जाएगा, जिसमें निर्माण गतिविधियों की आवश्यकता होती है। डिजिटल कक्षाओं में छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए एक डिजिटल बोर्ड, प्रोजेक्टर, ई-बुक और अन्य उन्नत शैक्षिक उपकरण के साथ-साथ ऑडियो-विजुअल गैजेट शामिल होंगे। वर्तमान में, एनएमसी स्कूलों में लगभग 30,000 छात्र पढ़ते हैं और प्रशासन को उम्मीद है कि छात्रों की संख्या 50,000 से ज्यादा हो जाएगी। डिजिटल स्कूल जून 2023 में काम करना शुरू कर देंगे, जिसके लिए शिक्षकों को उचित प्रशिक्षण और समर्थन दिया जाएगा।
