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Mumbai Nagpur Expressway: मुंबई-नागपुर एक्सप्रेसवे पर एक्सीडेंट रोकने की अनोखी पहल

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 3, 2023, 01:48 PM IST

Mumbai News: मुंबई-नागपुर एक्सप्रेसवे पर एक्सीडेंट की घटनाओं को रोकने के लिए महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (एमएसआरडीसी) की ओर से खास फैसला लिया गया है। एमएसआरडीसी राज्य परिवहन विभाग और राजमार्ग पेट्रोलिंग पुलिस को इंटरसेप्टर वाहन मुहैया करवाएगी। ताकि एक्सीडेंट की घटनाओं पर काबू किया जा सके।

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मुंबई-नागपुर एक्सप्रेसवे पर चलेंगे इंटरसेप्टर वाहन

KEY HIGHLIGHTS
  • मुंबई-नागपुर एक्सप्रेसवे पर एक्सीडेंट को रोकने के लिए खास फैसला
  • पेट्रोलिंग पुलिस को इंटरसेप्टर वाहन मुहैया कराए जाएंगे
  • एमएसआरडीसी कराएगा सभी वाहन मुहैया

Mumbai News: मुंबई-नागपुर एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य चल रहा है। इस एक्सप्रेसवे पर आए दिन एक्सीडेंट की कई घटना सामने आती हैं, जिसमें बहुत से लोगों की जान भी जा चुकी है। मुंबई-नागपुर एक्सप्रेसवे का निर्माण महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (एमएसआरडीसी) की ओर से किया जा रहा है। ऐसे में अब एक्सप्रेसवे पर दुर्घटना को रोकने के लिए एमएसआरडीसी राज्य परिवहन विभाग और राजमार्ग पेट्रोलिंग पुलिस को इंटरसेप्टर वाहन देने का फैसला किया गया है।

एमएसआरडीसी ने यह फैसला इसलिए लिया है, क्योंकि बीते एक महीने से भी कम समय में एक्सप्रेसवे पर कम से कम 40 एक्सीडेंट हो चुके हैं, जिसमें सात लोगों की मौत और 35 से ज्यादा गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। मुंबई-नागपुर एक्सप्रेसवे के चरण 1-नागपुर से शिरडी तक 520 किमी का उद्घाटन 11 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था।

स्पीड गन और दस इंटरसेप्टर वाहन दिए जाएंगे

मामले पर एमएसआरडीसी के प्रबंध निदेशक राधेश्याम मोपलवार ने कहा है कि राज्य परिवहन आयुक्त और उनके लोगों के साथ बैठक की और कई उपायों की योजना बनाई है, जिसके बाद फैसला लिया गया है कि एमएसआरडीसी उन्हें स्पीड गन और दस इंटरसेप्टर वाहन देंगे। हाईवे पुलिस को अलग से 15 इंटरसेप्टर वाहन भी देंगे। मोपलवार ने कहा है कि एक्सप्रेसवे पर समस्या भारी वाहनों की नहीं बल्कि यात्री वाहनों की है। उन्होंने कहा कि यात्री वाहन 120 किमी प्रति घंटे की स्पीड सीमा से भी ज्यादा चलते हैं।

ओवर स्पीडिंग के दुष्प्रभावों पर फिल्में दिखाई जाएंगी

वहीं परिवहन आयुक्त विवेक भीमनवार ने कहा है कि उनका विभाग ओवर स्पीडिंग, बिना सीट बेल्ट के ड्राइविंग करने और वाहन चलाते समय सेल फोन पर बात करने के लिए लोगों के खिलाफ केस दर्ज करेगा। इन नियमित गतिविधियों के अलावा, डिवीजन टोल नाके पर ऐसी जगहों की तलाश कर रहा है, जहां ओवर स्पीडिंग करने वाले ड्राइवरों की काउंसलिंग की जा सके। उन्हें रोककर परामर्श केंद्रों में ले जाया जाएगा और ओवरस्पीडिंग के दुष्प्रभावों पर फिल्में दिखाई जाएंगी। इससे उनकी यात्रा में देरी होगी, जब उन्हें एक घंटे की काउंसलिंग के लिए इंतजार करना पड़ेगा। जिससे जाहिर है कि ओवर स्पीडिंग की घटनाओं में कमी आएगी। परामर्श केंद्र 15 जनवरी तक शुरू कर दिया जाएगा।
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