Mumbai Metro: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 जनवरी यानी बृहस्पतिवार को मुंबई को नई मेट्रो लाइन की सौगात देने जा रहे हैं। करीब करीब 12,600 करोड़ की लागत से यह मेट्रो लाइन तैयार की गई है। इसके तहत मुंबई मेट्रो लाइन 2A और 7 को मुंबइकर के लिए खोल दिया जाएगा। इसके तहत दहिसर ई और डीएन नगर (येलो लाइन) को जोड़ने वाली मेट्रो लाइन 2ए करीब 18.6 किलोमीटर लंबी है, जबकि अंधेरी ई-दहिसर ई (रेड लाइन) को जोड़ने वाली मेट्रो लाइन-7 लगभग 16.5 किलोमीटर लंबी है। आम लोगों के लिए खुलने से मुंबई की लोकल और बेस्ट (बस सर्विस) पर दबाव कम होगा।
20 जनवरी से आम लोग कर सकेंगे सफर
प्रधानमंत्री द्वारा 19 जनवरी को उद्घाटन करने के बाद 20 जनवरी से आम लोग नई मेट्रो लाइन में सफर कर सकेंगे।दो सामांतर मेट्रो कॉरिडोर शुरू होने से वह वेस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे पर जुड़ जाएंगे। जिससे 35 किलोमीटर का यह रूट पूर्ण रूप से काम करने लगेगा। इसके अलावा इसके अलावा दहिसर और घाटकोपर के बीच यात्रा करने वाले अब बिना मेट्रो से निकले ही सफर कर सकेंगे। मेट्रो 2ए मेट्रो लाइन 1, मेट्रो लाइन 2बी, 7 (अंधेरी ईस्ट से दहिसर ईस्ट) और मेट्रो लाइन 6 (स्वामी समर्ख नगर से विखरोली) पर इंटरकनेक्टिविटी की सुविधा मिलेगी। इसके तहत मेट्रो लाइन 2ए पर कुल 17 स्टेशन होंगे। जबकि मेट्रो लाइन 7 पर कुल 13 स्टेशन होंगे।
मुंबई मेट्रो रेल के पहले चरण की आधारशिला 2006 में तत्कालीन प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह द्वारा रखी गई थीऔर यह 2014 में शुरू हो गया था। जबकि 19 जनवरी को जिन दो नई लाइन का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्घाटन करेंगे। उसकी आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2015 में रखी थी। अहम बात यह है कि इन सभी इस लाइन के मेट्रो कोच इंडिया में बने हैं।
सुबह 6 बजे से मिलेगी मेट्रो
मेट्रो हर रोज सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक मेट्रो सेवा आम जनता के लिए उपलब्ध होगी। छह कोच की ट्रेन इस रूट पर दौड़ेगी। दो नई लाइन शुरू होने से मुंबई की पूरी छवि बदल जाएगी। अभी तक मुंबई में पब्लिक ट्रांसपोर्ट मतल बेस्ट की बस, मुंबई की लाइफ लाइन लोकल ट्रेन और टैक्सी ही रही हैं। लेकिन धीरे-धीरे अब मुंबई पब्लिक ट्रांसपोर्ट की छवि मेट्रो से बदलती दिखेगी।
पीएमओ द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री‘मुंबई 1 मोबाइल ऐप’ और ‘नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (मुंबई 1)’ (एनसीएमसी) की भी शुरुआत करेंगे।इसमें बताया गया कि यह मोबाइल ऐप यात्रा को सुगम बनाने में मदद करेगा। इसे मेट्रो स्टेशन के प्रवेश द्वार पर दिखाया जा सकता है और यह यूपीआई के माध्यम से टिकट खरीदने के लिए डिजिटल भुगतान में सहायता करेगा। कार्ड शुरू में मेट्रो गलियारों में इस्तेमाल किया जाएगा और बाद में स्थानीय ट्रेनों एवं बसों सहित सार्वजनिक परिवहन के अन्य वाहनों तक इसका बड़े पैमाने पर विस्तार किया जा सकता है।
