मुंबई

मुंबईवासियों के लिए खुशखबरी, खुल गया इंटरनेशनल क्रूज टर्मिनल; मिलेंगी ये सुविधाएं

मुंबई में बने इंटरनेशनल क्रूज टर्मिनल का उद्‌घाटन कर जनता को सौंप दिया गया। मुंबई पोर्ट ट्रस्ट (बीपीटी) ने दक्षिण मुंबई में 4.15 वर्ग फीट परिसर में क्रूज टर्मिनल का निर्माण किया है।

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(फोटो)

मुंबई में बलार्ड पियर पर एक नया क्रूज टर्मिनल खोला गया है, जिसका उद्घाटन केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने किया। 556 करोड़ रुपये की लागत से बने इस टर्मिनल की क्षमता हर साल 10 लाख से अधिक विदेशी यात्रियों को भारत लाने की है। यह प्रोजेक्ट 2018 में शुरू हुआ था, लेकिन फंडिंग और संचालन में बाधाओं के कारण इसमें देरी हुई। टर्मिनल का विकास सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत किया गया है। इसमें 4.15 लाख वर्ग फुट का क्षेत्रफल है, जिसमें 22 लिफ्ट, 10 एस्केलेटर और 300 गाड़ियों की पार्किंग की सुविधा है। यह टर्मिनल एक साथ 2 बड़े क्रूज जहाजों को संभाल सकता है।

मल्टी लेवल कार पार्किंग की भी सुविधा

मुंबई पोर्ट ट्रस्ट (बीपीटी) ने दक्षिण मुंबई में 4.15 वर्ग फीट परिसर में क्रूज टर्मिनल का निर्माण किया है। सोमवार से टर्मिनल को क्रूज के संचालन के लिए खोल दिया गया है। लेकिन टर्मिनल के मल्टी लेवल कार पार्किंग और कमर्शियल परिसर का कुछ काम अभी बाकी है। एनबीटी के मुताबिक, बीपीटी के अक्टूबर, 2025 तक कार पार्किंग और कमर्शियल परिसर का बचा हुआ काम पूरा कर लिया जाएगा। 4.15 लाख वर्ग फुट के टर्मिनल के 2.07 लाख वर्ग फुट के क्षेत्र का उपयोग कमर्शियल इस्तेमाल के लिए होना है। टर्मिनल में यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ग्राउंड और पहली मंजिल पर 72 चेकिंग और इमिग्रेशन काउंटर तैयार किए गए हैं। यहां दुकानें, खाने-पीने की जगह, घूमने की जगह भी है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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