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Double Decker Buses: मुंबई की सड़कों पर अब नहीं दिखेंगी लाल डबल डेकर बसें, यादों से जुड़ा एक सफर खत्म

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Sep 15, 2023, 01:15 PM IST

1937 में शुरुआत के बाद से लाल डबल डेकर बसें शहर का प्रतीक बन गई थी। 2008 के बाद BEST प्रशासन ने डबल-डेकर बसों को शामिल करना बंद कर दिया था।

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मुंबई की डबल डेकर बसें सड़कों से हटेंगी

Photo : iStock

Mumbai Red Double-Decker Buses: आठ दशकों से अधिक समय से शहर की सार्वजनिक परिवहन प्रणाली का अभिन्न हिस्सा रही BEST का लाल बसें अब मुंबई की सड़कों पर नजर नहीं आएंगी। इस सप्ताह बसें सड़कों से हटा दी जाएंगी। 1990 के दशक से दर्शनीय स्थलों की यात्रा के लिए पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय रही ओपन-डेक डबल-डेकर बसें भी अब अक्टूबर के पहले सप्ताह से शहर की सड़कों पर दिखाई नहीं देंगी।

इस सप्ताह सड़कों से हट जाएंगी डबल डेकर बसें

बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति और परिवहन (BEST) के एक अधिकारी ने कहा कि मुंबई की प्रतिष्ठित लाल डबल-डेकर बसें इस सप्ताह सड़कों से हट जाएंगी। इसके अलावा अक्टूबर के पहले सप्ताह में शहर से खुली डबल डेकर बसें भी गायब हो जाएंगी। प्रवक्ता ने कहा कि चूंकि ये बसें अपने जीवन के 15 साल पूरा कर रही हैं, डबल-डेकर बसें 15 सितंबर से हमेशा के लिए सड़कों से हट जाएंगी, जबकि ओपन-डेक बसें 5 अक्टूबर को हटा दी जाएंगी।

बस प्रेमियों ने की संरक्षित करने की अपील

इसके बाद यात्रियों ने BEST से इन प्रतिष्ठित बसों में से कम से कम दो को अपने अनिक डिपो-आधारित संग्रहालय में संरक्षित करने का आग्रह किया है और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, पर्यटन मंत्री और BEST प्रशासन को इस बारे में लिखा है। एक बस यात्री हर्षद जोशी ने कहा, चूंकि नई डबल-डेकर ई-बसें वातानुकूलित हैं, इसलिए हमें पुरानी बसों में आगे बैठने और खुली खिड़कियों से चेहरे पर आने वाली हवा के साथ यात्रा करने की याद आएगी।

1964 में शहर की सड़कों से ट्राम हमेशा के लिए गायब

आपली बेस्ट अप्लायसाथी' के कार्यकारी अध्यक्ष सिद्धेश म्हात्रे ने कहा, 1964 में शहर की सड़कों से ट्राम हमेशा के लिए गायब हो गईं। शहर में सिंगल और डबल डेकर दोनों तरह की ट्रामें थीं, लेकिन उनमें से एक भी नहीं बचाई गई। बाद में प्रदर्शनी के उद्देश्य से कोलकाता से एक ट्राम यहां लाई गई, लेकिन वह खराब हो गई। आखिरकार, कुछ साल पहले इसकी मरम्मत की गई और बोरीबंदर में प्रदर्शित किया गया। 1990 के दशक की शुरुआत में BEST के पास लगभग 900 डबल-डेकर बसों का बेड़ा था, लेकिन 90 के दशक के मध्य के बाद संख्या में धीरे-धीरे गिरावट आई।

लाल डबल डेकर बसें शहर का प्रतीक बन गई थी

1937 में शुरुआत के बाद से लाल डबल डेकर बसें शहर का प्रतीक बन गई थी। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, दिलचस्प बात यह है कि बसों को मुंबई में बॉलीवुड गानों में भी दिखाया गया है। 2008 के बाद BEST प्रशासन ने डबल-डेकर बसों को शामिल करना बंद कर दिया था। इस साल फरवरी में इसने इन प्रतिष्ठित बसों को पट्टे पर ली गई बैटरी से चलने वाली लाल और काली डबल-डेकर बसों से बदलना शुरू कर दिया। अब तक शहर में करीब 25 बसें शुरू की जा चुकी हैं। BEST ने पिछले सप्ताह कहा था कि वह दर्शनीय स्थलों की यात्रा के लिए ओपन-डेक बसें खरीदने जा रहा है और उसने उन्हें हासिल करने की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी है। तब तक पर्यटकों के लिए नई बैटरी चालित डबल डेकर ई-बसें संचालित की जाएंगी।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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