मुंबई

Mumbai में ऐसे सप्लाई होती है नशे की खेप, 286 किलो गांजा बरामद; कीमत सुन उड़ जाएंगे होश

मुंबई क्राइम ब्रांच ने बांद्रा में 286 किलो गांजा बरामद करते हुए ड्रग्स सप्लायर को भी गिरफ्तार किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस गांजे की कीमत 71.67 लाख रुपये बताई जा रही है।

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मुंबई पुलिस (फाइल फोटो)

Photo : PTI

मुंबई : मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बांद्रा में ड्रग्स तस्करी की सूचना पर बड़ी कार्रवाई की। सीनियर इंस्पेक्टर दया नायक के नेतृत्व में टीम ने ट्रांजिट कैंप के एक घर में छापा मारा, जहां 286 किलो गांजा बरामद हुआ, जिसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 71.67 लाख रुपये बताई जा रही है। टीम ने आरोपी को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया है। ड्रग्स के स्रोत और सप्लाई की जांच जारी है।

गांजे की कीमत 71.67 लाख रुपये

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट 9 के सीनियर इंस्पेक्टर दया नायक को बांद्रा इलाके में ड्रग्स तस्करी होने की गुप्त जानकारी मिली थी। सूचना के आधार पर मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट 9 की टीम ने बांद्रा के ट्रांजिट कैंप के एक घर में छापेमारी की। इस कार्रवाई में टीम ने 286 किलो गांजा बरामद किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस गांजे की कीमत 71.67 लाख रुपये बताई जा रही है।

मुंबई क्राइम ब्रांच ने ड्रग्स तस्करी मामले में आरोपी इमरान अंसारी (36) के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। टीम पता लगा रही है कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग्स कहां से लेकर आया था और कहां सप्लाई करने वाला था।

बता दें कि इस साल ही फरवरी में मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट 9 ने दादर इलाके के एक गेस्टहाउस पर छापेमारी कर 5 किलो एमडी ड्रग्स जब्त किया था। इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 10 करोड़ रुपये बताई गई थी। टीम ने इस मामले में दो आरोपियों, जहांगीर शाह आलम शेख (मुंबई निवासी) और सेनॉल शेख (पश्चिम बंगाल निवासी) को गिरफ्तार किया था।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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