देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में मराठा आरक्षण आंदोलन के चौथे दिन, शहर में अराजकता का माहौल बन गया है। कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल के नेतृत्व में शुरू हुआ यह आंदोलन अब हिंसा और उत्पीड़न का रूप ले चुका है, जिससे नागरिकों में गहरा असंतोष फैल गया है।
मरीन ड्राइव और आजाद मैदान जैसे प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने यातायात को पूरी तरह ठप कर दिया है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। प्रसिद्ध लेखिका शोभा डे ने इस स्थिति को दुखद बताते हुए कहा कि लोग काम पर पहुंचने के लिए घंटों संघर्ष कर रहे हैं, स्कूल बंद हो गए हैं, और प्रदर्शनकारी महिलाओं के वाहनों को घेर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर भी लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है, जहां कई यूजर्स ने इस आंदोलन को गुंडागर्दी करार दिया है। एक्ट्रेस सुमोना चक्रवर्ती ने भी अपनी असुरक्षित स्थिति का जिक्र किया, जब प्रदर्शनकारियों ने उनके वाहन पर धक्का मारा।
मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने आजाद मैदान और दक्षिण मुंबई की ओर जाने वाले रास्तों पर यातायात बाधित होने की चेतावनी दी है। इस बीच, स्कूल, दुकानें और व्यवसाय बंद हैं, जिससे नागरिकों का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
मनोज जरांगे ने भूख हड़ताल के चौथे दिन पानी पीना बंद करने की घोषणा की है और ओबीसी कोटा की मांग के लिए गोलियों का सामना करने की बात कही है।
