Mumbai Maratha Protest: मराठा आंदोलन को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हुई। जिसमें हाईकोर्ट ने मराठा प्रदर्शनकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि हमें भी कोर्ट तक पैदल जाना पड़ा, हम राज्य सरकार से भी संतुष्ट नहीं हैं। इस पर मनोज जरांगे के वकील सतीश मानेशिंदे इस पर कोर्ट ने कहा कि आप इस तरह सड़कें बंद नहीं कर सकते। कोर्ट ने फडणवीस सरकार से सवाल करते हुए पूछा कि शहर में हालात सामान्य करने के लिए क्या कदम उठाए गए?
कल की सुनवाई के बाद राज्य सरकार ने क्या काम किया? पुलिस को मोबाइल वैन का डेटा जमा करना चाहिए। क्या आपने लाउडस्पीकर से घोषणा की थी? आपने अदालत के आदेश के अनुसार कार्रवाई नहीं की। कोर्ट ने मामले पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि लोगों के मन में डर पैदा हो गया है। लोग घरों से निकलते समय सोच रहे हैं। स्कूल-कॉलेज बंद करने पड़ेृ। दोपहर 3 बजे तक मुंबई को सामान्य किया जाए। अगर जरूरत पड़ी तो जमीन पर उतरकर स्टेटस चेक करेंगे।
जरांगे की भूख हड़ताल का आज पांचवां दिन
मराठा आरक्षण की मांग को लेकर दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में जरांगे की भूख हड़ताल का आज पांचवां दिन है। उच्च न्यायालय ने उनके समर्थकों से मंगलवार दोपहर तक शहर की सभी सड़कें खाली करने और सामान्य स्थिति बहाल करने को कहा था। यह देखते हुए कि मराठा आंदोलन के कारण मुंबई सचमुच ठप हो गई है, जिसने सभी शर्तों का उल्लंघन किया है। हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा कि वह जरांगे और प्रदर्शनकारियों को यह सुनिश्चित करने का अवसर दे रहा है कि मंगलवार दोपहर तक सभी सड़कें खाली और साफ कर दी जाएं।
सीएम फडणवीस क्या बोले
मराठों को ओबीसी आरक्षण श्रेणी में शामिल करने की मांग कर रहे जरांगे ने सोमवार दोपहर पानी पीना बंद कर दिया, लेकिन शाम को हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कुछ घूंट पानी पी लिया था। वहीं पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि उनका प्रशासन मराठा आरक्षण आंदोलन पर हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करेगा और महायुति सरकार गतिरोध को सुलझाने के लिए कानूनी विकल्प तलाशने पर विचार कर रही है।
