नेटवर्क टाइम्स नेटवर्क ने महाराष्ट्र मेरीटाइम बोर्ड, मत्स्य पालन और बंदरगाह मंत्रालय तथा महाराष्ट्र सरकार के सहयोग से महाराष्ट्र मेरीटाइम समिट 2025 का आयोजन किया। इस समिट का मुख्य उद्देश्य सतत पोर्ट-आधारित विकास को बढ़ावा देना था। समिट में सार्वजनिक-निजी भागीदारी, स्मार्ट तकनीकी एकीकरण, और नीति-निर्माण के माध्यम से अंतिम मील कनेक्टिविटी मजबूत करने, निर्यात को बढ़ाने और आर्थिक अवसरों को खोलने की प्रतिबद्धता दर्शायी गई।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने समिट का उद्घाटन करते हुए भारत के Maritime Vision 2030 और अमृत काल विजन 2047 के अनुरूप महाराष्ट्र के मेरीटाइम विजन को प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का फोकस पोर्ट-आधारित अर्थव्यवस्था के विकास पर है, जो भारत को वैश्विक सप्लाई चेन में अग्रणी बना सकता है। मुख्यमंत्री ने समृद्धि महामार्ग जैसे प्रोजेक्ट का उल्लेख किया, जिससे 15–16 जिलों को जेएनपीए पोर्ट से जोड़ा गया है और माल ढुलाई का समय 6–7 दिन से घटकर 10 घंटे हो गया है।
इस समिट में कई दिग्गज हस्तियों ने भाग लिया, जिनमें बंदरगाह मंत्री नितेश राणे, अपर मुख्य सचिव संजय सेठी (IAS), JSW इन्फ्रास्ट्रक्चर के CEO रिंकेश रॉय, अदाणी पोर्ट्स एंड SEZ के CEO अश्वनी गुप्ता, और M2M फेरीज के आशिम मोंगिया शामिल थे।
मुख्यमंत्री ने महत्वाकांक्षी वाधवन पोर्ट परियोजना पर भी प्रकाश डाला। यह 1990 के दशक में शुरू हुई थी, लेकिन पर्यावरणीय कारणों से अटक गई थी। अब इसे नवाचार के साथ पुनर्जीवित किया गया है। वाधवन, संचालन के बाद दुनिया के टॉप 10 बंदरगाहों में शामिल होगा और समृद्धि महामार्ग के जरिए 24 जिलों से जुड़ेगा।
उन्होंने बताया कि वाधवन के पास भारत का पहला ऑफशोर एयरपोर्ट भी प्रस्तावित है और सागरमाला परियोजना के तहत रेल कनेक्टिविटी को मजबूत किया जा रहा है। जल परिवहन को बढ़ावा देने से शहरी क्षेत्रों में ट्रैफिक कम होगा और लॉजिस्टिक्स लागत में भारी गिरावट आएगी।
नितेश राणे ने बताया कि महाराष्ट्र का 877 किमी लंबा समुद्री तट और 15 छोटे बंदरगाह राज्य को समुद्री शक्ति बनाने की ओर अग्रसर कर रहे हैं। उन्होंने कहा, नीदरलैंड की हालिया यात्रा से वैश्विक साझेदारियों को मजबूती मिली है। ING ग्रुप ने ग्रीन लॉजिस्टिक्स और समुद्री ढांचे में 1 बिलियन डॉलर का निवेश करने का आश्वासन दिया है।
राज्य सरकार ने शिपबिल्डिंग, शिप रिपेयर और शिप रीसाइक्लिंग नीति 2025 भी लॉन्च की है, जो विश्वस्तरीय समुद्री निर्माण क्लस्टर स्थापित करेगी। इसके अलावा मुंबई वॉटर मेट्रो जैसे स्मार्ट मोबिलिटी प्रोजेक्ट को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
संजय सेठी ने बताया कि महाराष्ट्र में 5 वर्षीय मिशन मोड, 10 वर्षीय रणनीति और 2047 तक दीर्घकालिक दृष्टिकोण के तहत विकास योजनाएं चल रही हैं। राज्य अब ग्रीन लॉजिस्टिक्स, AI-पावर्ड इंफ्रास्ट्रक्चर, और डिजिटल मैरिटाइम इकोसिस्टम पर कार्य कर रहा है।
समिट का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि महाराष्ट्र आने वाले वर्षों में वैश्विक समुद्री ताकत के रूप में उभरेगा।
