Corona Virus: भारत में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। शनिवार तक देशभर 3,000 से अधिक यानी 3,395 लोग कोविड के नए वेरिएंट से संक्रमित हो चुके हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से शनिवार को जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है। आंकड़ों के अनुसार केरल में सबसे अधिक 1,336 लोग संक्रमित हैं। लेकिन, महाराष्ट्र भी पीछे नहीं है। राज्य में शनिवार को कोविड-19 के 68 नये मामले सामने आए और इसके साथ ही इस साल की शुरुआत से अब तक यहां कोविड के कुल मामलों की संख्या बढ़ कर 749 पहुंच गई है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि सुरक्षा की दृष्टि से मास्क पहन कर रखें। साफ सफाई का ख्याल रखें। किसी प्रकार के घबराने की आवश्यकता नहीं है।
एक अधिकारी ने बताया कि नये मामलों में से 30 मुंबई में और 15 पुणे नगर निगम क्षेत्र में सामने आए। कल्याण-डोंबिवली और रायगढ़ में भी नये मामले सामने आए हैं। इस साल अब तक राज्य में कोविड-19 के सात मरीजों की मौत हो चुकी है, जिनमें से छह मरीज अन्य गंभीर बीमारियों से भी ग्रसित थे।
कितने कोरोना मरीजों की मौत?
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, बीते 24 घंटे में देश में कुल चार रोगियों की मौत हुई है। दिल्ली, केरल, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश में एक-एक व्यक्ति ने जान गंवाई है। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि भारत में कोविड-19 की स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है। संक्रमण की गंभीरता कम है, ज्यादातर मरीजों की घर पर ही देखभाल की जा रही है और चिंता की कोई बात नहीं है।
किस राज्य में कितने कोविड केस
देश में 22 मई को रोगियों की संख्या 257 थी। 26 मई तक यह आंकड़ा बढ़कर 1,010 हो गया और शनिवार को 3,395 पर पहुंच गया। आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटे में 685 नए मामले सामने आए हैं और चार लोगों की मौत हुई है। आंकड़ों में कहा गया है कि केरल में 1,336, महाराष्ट्र में 467, दिल्ली में 375, गुजरात में 265, कर्नाटक में 234, पश्चिम बंगाल में 205, तमिलनाडु में 185 और उत्तर प्रदेश में 117 लोग संक्रमित हैं। वहीं, ओडिशा में दो और लोगों के कोरोना से संक्रमित पाए जाने के बाद राज्य में कुल मामलों की संख्या सात हो गई है। राज्य के स्वास्थ्य सचिव अश्वथी एस ने यह जानकारी दी।
आईसीएमआर की रिपोर्ट क्या कह रही
आईसीएमआर की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि मौजूदा स्वरूप में गंभीर लक्षण नहीं दिखते और ज्यादातर मामले हल्के हैं। साथ ही, केंद्र ने कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं किए हैं, लेकिन सभी को बदलते मौसम के मद्देनजर सतर्क रहने की सलाह दी है।
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने सोमवार को कहा था कि पश्चिम और दक्षिण भारत में नमूनों की जीनोम अनुक्रमण से पता चला है कि नये स्वरूप गंभीर नहीं हैं और ये ओमीक्रॉन के उप-स्वरूप हैं। ओमीक्रोन के चार उपस्वरूप एलएफ.7, एक्सएफजी, जेएन.1 और एनबी. 1.8.1 सामने आए हैं। उन्होंने कहा था कि पहले तीन स्वरूप के मामले ज्यादा हैं। डॉ. बहल ने कहा था, “हम स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं। इस समय, कुल मिलाकर, हमें निगरानी रखनी चाहिए, सतर्क रहना चाहिए, लेकिन चिंता की कोई बात नहीं है।
