Maharashtra Political Crisis: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बुधवार (26 अप्रैल, 2023) को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) चीफ शरद पवार से बात की। टेलीफोन पर सियासत के दोनों दिग्गजों के बीच हुई यह वार्ता तटीय रत्नागिरी जिला में बारसू रिफाइनरी (Barsu Refinery) के मसले पर हुई। यह जानकारी सूबे के मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के हवाले से समाचार एजेंसी एएनआई ने दी।
वैसे, इससे पहले एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने कहा था कि राज्य सरकार को रिफाइनरी परियोजना का विरोध कर रहे गांव वालों से बात करनी चाहिए। अगर इसके बाद भी मुद्दा नहीं सुलझता है तो वैकल्पिक जगह का पता लगाया जाना चाहिए। मसले पर चर्चा के लिए सूबे के उद्योग मंत्री उदय सामंत के उनसे भेंट के बाद पवार ने पत्रकारों से ये बातें कहीं।
दरअसल, मुंबई से लगभग 400 किमी दूर इस जिले की राजापुर तहसील में बारसू गांव के लोग प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे हैं, जबकि महा विकास आघाड़ी (एमवीए) गठबंधन में एनसीपी की सहयोगी शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस उनका समर्थन कर रही हैं। पवार की ओर से कहा गया कि उनकी पार्टी ने कोंकण में विकास परियोजनाओं का विरोध नहीं किया पर स्थानीयों के विचार जानना बहुत जरूरी है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, ‘‘सरकार को यह पता लगाने की जरूरत है कि स्थानीय लोग नाराज क्यों हैं...? उनसे बातचीत करना ही एकमात्र हल है। अगर संवाद के जरिए मामला हल नहीं होता है तो एक वैकल्पिक स्थान ढूंढना चाहिए।’’ वैसे, राज्य सरकार ने तर्क दिया है कि उद्धव जब सीएम तब उन्होंने मूल स्थल नाणार के बजाय बारसू को विकल्प के रूप में सुझाया था। पवार की ओर से इस पर कहा गया कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।
वह बोले, ‘‘मुझसे मिलने वाले उद्योग मंत्री उदय सामंत ने आश्वासन दिया है कि कल बातचीत होगी। परियोजना स्थल पर केवल मिट्टी की जांच की जा रही थी।’’ एनसीपी चीफ ने बताया कि राकांपा नेता घटनास्थल का दौरा करेंगे और स्थानीय लोगों से बात करेंगे। जिले के संरक्षक मंत्री सामंत ने पत्रकारों से इस बाबत कहा कि परियोजना स्थल पर हिरासत में ली गईं महिला प्रदर्शनकारियों को रिहा कर दिया गया है। उनके अनुसार, ‘‘सरकार गांव वालों से बात करेगी।’’
उन्होंने एक और सवाल के जवाब में कहा कि उन्हें उद्धव के ऐसे किसी प्रस्ताव की जानकारी नहीं है कि अगर एमवीए अगला विधानसभा चुनाव जीतती है तो राकांपा नेता को मुख्यमंत्री बनना चाहिए। पवार ने कहा, ‘‘अगर संजय राउत यह कह रहे हैं, तो वह एक पत्रकार हैं... मीडिया हमसे ज्यादा जानता है। मैं नहीं जानता।’’ कुछ जगहों पर अपने भतीजे अजित पवार को भविष्य का मुख्यमंत्री बताने वाले पोस्टर लगने के संबंध में पवार ने कहा कि अजित पवार ने खुद अपने समर्थकों से कहा था कि वे ऐसा न करें।
