मुंबई

MP में निवेश के अवसरों को बढ़ाने के लिए सरकार का प्लान; CM मोहन यादव ने उद्योगपतियों से की खास चर्चा

Mumbai: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देश की वित्तीय राजधानी मुंबई में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्र के प्रमुख उद्योगपतियों से इन्टरेक्टिव सेशन में संवाद किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य में सभी सेक्टर में निवेश के अनुकूल माहौल है। निवेश के अवसरों को बढ़ाने के लिए ये कार्यक्रम आयोजित हुआ।

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मोहन यादव, मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश।

Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश में निवेश के अवसरों को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने उद्योगपतियों के साथ परिचर्चा आयोजित की। देश की वित्तीय राजधानी मुंबई में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्र के प्रमुख उद्योगपतियों से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इन्टरेक्टिव सेशन में संवाद किया। इस मौके पर सीएम यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में सभी सेक्टर में निवेश के अनकूल माहौल है।

उद्योगपतियों से सीएम यादव ने वन-टू-वन चर्चा की

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस कार्यक्रम में सत्र को संबोधित किया, साथ ही उद्योगपतियों से राउण्ड टेबल मीटिंग एवं वन-टू-वन चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि मध्यप्रदेश में लगातार निवेश बढ़ रहा है।

'सभी सेक्टर में समान रूप से निवेश की संभावनाएं'

सीएम यादव ने कहा कि उद्योग, व्यापार, व्यवसाय की दृष्टि से मध्यप्रदेश में निवेश के लिए अनुकूल माहौल बना है। यही कारण है कि एनर्जी, टूरिज्म, हेल्थ, माइनिंग जैसे सभी सेक्टर में समान रूप से निवेश की बड़ी संभावनाएं हैं। हमने अपने बजट में भी इसकी गुंजाइश की और आने वाले समय में लगातार प्रोत्साहन दे रहे हैं। अलग-अलग क्षेत्र की अलग अलग समिट भी करने जा रहे हैं।

MP Sarkar

मध्य प्रदेश में निवेश के अवसरों को बढ़ाने के लिए उद्योगपतियों से चर्चा।

उन्होंने कहा कि मुंबई में बड़े पैमाने पर उद्योगपतियों को आमंत्रित किया गया। मध्यप्रदेश सरकार उनका स्वागत करती है। निवेश के माध्यम से मध्यप्रदेश इकोनॉमिक दृष्टि से समर्थ होगा, बल्कि रोजगार की दृष्टि से भी क्षेत्र के लोगों को लाभ मिलेगा और भारत में जीडीपी को आगे बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश अपनी ताकत के साथ आगे बढ़ेगा।

(प्रेस विज्ञप्ति)

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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