Kunal Kamra Row: कॉमेडियन कुणाल कामरा को बॉम्बे हाई कोर्ट से बुधवार को बड़ी राहत मिली। हाई कोर्ट ने एफआईआर के खिलाफ कुणाल कामरा की याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रखा है। कोर्ट ने कहा कि तब तक कॉमेडियन को पुलिस द्वारा गिरफ्तार नहीं किया जाएगा।
न्यायमूर्ति एस कोतवाल और न्यायमूर्ति एस मोदक की पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। कोर्ट ने पुलिस से कहा कि इस मामले में आदेश पारित होने तक कामरा को गिरफ्तार न किया जाए।
हाई कोर्ट ने क्या कुछ कहा?
हाई कोर्ट ने कहा कि कामरा को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 35(3) के तहत नोटिस दिया गया था, जो बयान दर्ज करने के लिए है, गिरफ्तारी के लिए नहीं... अदालत ने कहा कि कामरा का बयान दर्ज किया जा सकता है, लेकिन प्रावधान के अनुसार कोई गिरफ्तारी नहीं की जा सकती है।
मुंबई के एक कॉमेडी शो के दौरान शिंदे के बारे में परोक्ष रूप से ‘‘गद्दार’’ टिप्पणी करने के आरोप में खार थाने में कामरा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। कुणाल कामरा ने शिवसेना विधायक की शिकायत पर दर्ज प्राथमिकी के खिलाफ उच्च न्यायालय का रुख किया है। उनके खिलाफ अन्य थानों में भी शिकायतें दर्ज हैं।
कुणाल कामरा ने अपनी याचिका में दावा किया है कि उनके खिलाफ शिकायतें उनके भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, कोई भी पेशा और व्यवसाय करने के अधिकार तथा संविधान के तहत प्रदत्त जीवन और स्वतंत्रता के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हैं। तमिलनाडु के निवासी कामरा को पिछले महीने मद्रास हाई कोर्ट से इस मामले में अंतरिम ट्रांजिट अग्रिम जमानत मिली थी। तीन बार समन भेजे जाने के बावजूद कामरा मुंबई पुलिस के समक्ष पूछताछ के लिए पेश नहीं हुए।
