Mumbai-Ahmedabad Bullet Train Project: भारत को अब भी अपनी पहली बुलेट ट्रेन का इंतजार है। मुंबई और अहमदाबाद के बीच बन रहे बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर लगातार काम हो रहा है। गुजरात, दादरा और नागर हवेली व महाराष्ट्र के बीच बन रहा 508 किलोमीटर लंबा बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का काम लगभग 60 फीसद तक पूरा हो गया है।
देश के इस पहले बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का 352 किमी हिस्सा गुजरात और दादरा और नागर हवेली में है। जबकि 156 किमी हिस्सा महाराष्ट्र में बन रहा है। इस पूरे 508 किमी के बुलेट ट्रेन कॉरिडोर में कुल 12 स्टेशन बनाए जा रहे हैं, जिसमें मुंबई, ठाणे, सूरत, वडोदरा और अहमदाबाद प्रमुख स्टेशन होंगे।
नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने 18 अप्रैल को ही मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के निर्माण से जुड़ी लेटेस्ट जानकारी साझा की है। इस प्रोजेक्ट में काफी प्रोग्रेस देखने को मिल रही है। इसमें 293 वायाडक्ट, 375 पिलर 394 किमी हिस्से में पिलर की नींव का काम पूरा हो गया है। इसके अलावा 320 किमी के हिस्से में गर्डर का काम भी पूरा हो चुका है और वलसाड, नवसारी, खेड़ा व सूरत जिलों में नदियों के ऊपर 14 ब्रिज का काम भी पूरा हो चुका है। यही नहीं 7 स्टील ब्रिज और 5 प्रीस्ट्रेस्ड कॉन्क्रीट ब्रिज का काम भी पूरा हो चुका है।
गुजरात के हिस्से में बुलेट ट्रेन का काम
- गुजरात में अब तक 143 किमी का बुलेट ट्रेन ट्रैक बेड तैयार हो चुका है।
- 150 किमी के हिस्से में 3 लाख नॉइस बेरियर लगाए जा चुके हैं।
- 200 मीटर लंबे ट्रैक पैनल्स पर रेल वेल्डिंग का काम प्रगति पर है।
- सूरत और बिलिमोरा बुलेट ट्रेन स्टेशनों के बीच 100 से ज्यादा ओवरहेड इक्विपमेंट मास्ट्स (OHE) का लगाया जा चुका है।
- 8 में से 6 स्टेशनों का स्ट्रक्चरल काम पूरा हो चुका है।
महाराष्ट्र के हिस्से में कितना काम हुआ?
- नई ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथॉड (NATM) के इस्तेमाल के जरिए बीकेसी और शिलफाटा के बीच बनने वाली 21 किमी लंबी टनल का 3.3 किमी हिस्सा तैयार हो गया है।
- राज्य के पालघर जिले में 7 माउंटेन टनल का काम किया जा रहा है।
- विखरोली और सावली शाफ्ट क्रमश: 56 और 39 मीटर की आवश्यक गहराई तक पहुंच चुकी हैं।
मुंबई अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का काम पूरा हो जाने के बाद इन दोनों बड़े शहरों के बीच आने-जाने का पूरा गणित ही बदल जाएगा। दोनों शहरों के बीच सफर में लगने वाला समय कम होकर लगभग 2 घंटे का रह जाएगा।
