मुंबई

'बजट में आम जनता को मिली राहत, विकसित भारत की संकल्पना को मिलेगी मजबूती', सीएम शिंदे का बड़ा दावा

Maharashtra: महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने बजट 2024 की सराहना करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री ने करोड़ों देशवासियों के विश्वास को सार्थक साबित किया है। उन्होंने कहा कि नवरत्न बजट में युवा भारत का प्रतिबिंब है। उन्होंने कहा कि नया कर ढांचा आम आदमी और कर्मचारियों के लिए राहत भरा है और मैं इसका स्वागत करता हूं।

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बजट 2024 पर क्या बोले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे?

CM Shinde on Budget 2024: आम बजट 2024 पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टैक्स ढांचे में बड़ा बदलाव कर आम आदमी को राहत देकर करोड़ों देशवासियों के विश्वास को सार्थक साबित किया। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी द्वारा प्रस्तुत किया गया यह बजट किसानों, महिलाओं, युवाओं, कौशल विकास, रोजगार, बुनियादी ढांचे के विकास, शहरी विकास, जैसे नौ घटकों पर ध्यान केंद्रित करने वाला नवरत्न बजट है और युवाओं के कल्याण के लिए पर्याप्त प्रावधान करने वाला, रोजगार को बढ़ावा देने वाला और विकसित भारत जैसी संकल्पना को ताकत देने वाला बजट है।

किसानों को ताकत

लगातार सातवीं बार केंद्रीय बजट पेश करने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बधाई देते हुए सीएम शिंदे ने कहा कि गरीबों, महिलाओं, युवाओं, किसानों के जैसे सामाजिक घटकों पर जोर देते हुए कृषि और कृषि संबंधित क्षेत्रों के लिए 1.52 लाख करोड़ के प्रावधान के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में उत्पादकता बढ़ाने के लिए डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर कृषि क्षेत्र के साथ साथ और किसानों को भी ताकत प्रदान करने का निर्णय है। साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि एक करोड़ किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रोत्साहित करने का निर्णय समय की मांग है। शिंदे ने कहा कि राज्य सरकार ने महाराष्ट्र में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए भी कदम उठाए हैं।

सीएम शिंदे ने कहा कि नया कर ढांचा आम आदमी और कर्मचारियों के लिए राहत भरा है और मैं इसका स्वागत करता हूं। इस नये कर ढांचे से करदाताओं की संख्या भी बढ़ेगी। विकास के लिए आवश्यक कर संग्रहण में महाराष्ट्र अग्रणी रहेगा।

ग्रामीण क्षेत्रों का परिवर्तन

उन्होंने कहा कि यह बजट व्यापक है क्योंकि इस बजट में मुख्य रूप से नौ घटकों पर विचार किया गया है, जिनमें कृषि क्षेत्र में उत्पादकता, रोजगार और कौशल विकास, जनशक्ति विकास और सामाजिक न्याय, उत्पाद और सेवाएं, शहरी विकास, ऊर्जा संरक्षण, बुनियादी ढांचा, अनुसंधान और विकास, नई पीढ़ी के नुसार सुधार शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताते हुए कहा कि ग्रामीण भारत के विकास के लिए 2.66 लाख करोड़ रुपये के प्रावधान से गांवों में बदलाव आएगा।

50 लाख अतिरिक्त रोजगार

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने कहा कि 'हमेशा कहा जाता है कि हमारा देश युवाओं का है। इसकी झलक आज इस बजट में दिखी है। इस बजट में युवाओं के लिए बड़ी संख्या में प्रावधान किये गये हैं। पहली बार रोजगार के लिए तैयार युवाओं को एक महीने का भत्ता पहले महीने में देने का निर्णय युवाओं को दिलासा देने वाला है। बजट में 50 लाख अतिरिक्त नौकरियां पैदा करने का निर्णय भी लिया गया है। इससे महाराष्ट्र के युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा अवसर पैदा होगा।'

उन्होंने आगे कहा कि 'युवाओं को देश की 500 प्रमुख कंपनियों में इंटर्नशिप के मौके मिलेंगे और पांच साल में करीब एक करोड़ युवाओं को इसका फायदा मिलेगा। कौशल विकास के लिए घोषित नई योजना के माध्यम से राज्य सरकार और उद्योग जगत के संयुक्त उद्यम के माध्यम से 5 वर्षों की अवधि में 20 लाख युवाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाएगा। मुद्रा योजना के माध्यम से दोगुना ऋण देने का निर्णय भी युवाओं को सशक्त बनाने वाला है।'

इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 11 लाख करोड़

सीएम शिंदे ने कहा कि बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए भी बजट में पर्याप्त प्रावधान किया गया है। महाराष्ट्र देश में बुनियादी ढांचे के विकास में अग्रणी है। बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए बजट में 11 लाख करोड़ का पूंजी प्रावधान किया गया है। इसके अलावा सरकारी नीतियों के माध्यम से बुनियादी ढांचे में निजी निवेश को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया गया है। इससे महाराष्ट्र में बुनियादी ढांचे के कार्यों को और अधिक समर्थन मिलेगा। देशभर में सड़क निर्माण पर 26 हजार करोड़ खर्च होने से संचार नेटवर्क मजबूत होगा। देशभर में 12 औद्योगिक पार्कों को नॅशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडॉर डेव्हलपमेंट प्रोग्राम के तहत मंजूरी देने का निर्णय उद्योग को बढ़ावा देने वाला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि,देशभर के 25 हजार गांवों के लिए अच्छी गुणवत्ता वाली सड़कें बनाने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना चरण 4 शुरू करने का निर्णय महाराष्ट्र के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों के विकास के लिए महत्वपूर्ण होगा। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से सौर ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा और बजट में किये गये प्रावधानों और योजनाओं से महाराष्ट्र के विकास में काफी मदद मिलेगी।

(प्रेस विज्ञप्ति)

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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