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Mumbai: CBI ने रिश्वत लेते पकड़े 2 IRS अधिकारी, करोड़ों रुपये लेकर करते थे ये गलत काम

मुंबई में CBI ने रिश्वत लेने के मामले में 2 IRS अधिकारियों समेत कुल 7 लोगों को ट्रेप लगाकर गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक, ड्यूटी फ्री करवाने के नाम पर घूस लेटे थे। इनमें से 2 आईआरएस अधिकारी समेत 5 पब्लिक सर्वेंट हैं।

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Mumbai: CBI ने रिश्वत लेते पकड़े 2 IRS अधिकारी, करोड़ों रुपये लेकर करते थे ये गलत काम

मुंबई: CBI ने मुंबई में कई बड़ी कार्रवाई की है। सीबीआई ने रिश्वत लेने के मामले में 2 IRS अधिकारी समेत कुल 7 लोगों को ट्रेप लगाकर गिरफ्तार किया है। उनके पास से 50 लाख कैश, प्रॉपर्टी के 25 कागजात भी मिले हैं, जिनकी कीमत लगभग 40 करोड़ से ज्यादा बताई जा रही है। 3 लग्ज़री गाड़िया भी जब्त की गई हैं। जानकारी के मुताबिक, ड्यूटी फ्री करवाने के नाम पर घूस लेटे थे। इनमें से 2 आईआरएस अधिकारी समेत 5 पब्लिक सर्वेंट हैं।

एसईईपीजेड में थे तैनात

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने रिश्वतखोरी से जुड़े मामले में भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के दो अधिकारियों सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। ये अधिकारी मुंबई के सांताक्रूज इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट प्रोसेसिंग जोन (एसईईपीजेड) में तैनात थे। अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने कुछ बिचौलियों को लाभ पहुंचाने के आरोप में दो आईआरएस अधिकारी संयुक्त विकास आयुक्त सीपीएस चौहान और उप विकास आयुक्त प्रसाद वरवंतकर के अलावा दो सहायक विकास आयुक्तों सहित पांच अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है।

उन्होंने बताया कि सीबीआई ने तलाशी के दौरान चौहान के पास से 25 संपत्तियों के दस्तावेज जब्त किए हैं। इन संपत्तियों की कीमत लगभग 40 करोड़ रुपये है। गिरफ्तार किए गए सात लोगों के परिसरों की तलाशी लेने पर सभी के पास से कुल मिलाकर 50 लाख रुपये बरामद किए गए हैं।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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