Lok Sabha Election: 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए महाराष्ट्र में तैयारी शुरू हो चुकी है। भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) सीटों के बंटवारे को लेकर 2019 के फार्मूले को अपनाने पर विचार कर रहे हैं। शिवसेना के वरिष्ठ नेता गजानन कीर्तिकर ने इस बात के संकेत भी दिए हैं। हालांकि, भाजपा की ओर से अभी तक इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
शिवसेना के वरिष्ठ नेता गजानन कीर्तिकर ने शुक्रवार को कहा कि एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच सीट बंटवारे की व्यवस्था 2019 की तरह ही रहेगी। शिवसेना ने पिछली बार 48 में से 22 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 18 पर जीत हासिल की थी, जबकि भाजपा ने 26 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 23 पर जीत हासिल की थी। इस बार भी सीट बंटवारे की यही व्यवस्था रहेगी। हमने 2024 के चुनावों के लिए पहले ही तैयारी शुरू कर दी है।
2019 में नहीं हुआ था शिवसेना का बंटवारा
बता दें, शिवसेना और भाजपा ने 2019 का लोकसभा चुनाव गठबंधन में लड़ा था। उस समय शिवसेना विभाजित नहीं थी। महाराष्ट्र से शिवसेना के 18 लोकसभा सदस्यों में से 13 मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खेमे में हैं और पांच उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले गुट में हैं। शिवसेना के प्रवक्ता एवं राज्य के शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर ने कहा कि उनकी पार्टी को उम्मीद है कि सीटों के बंटवारे से संबंधित फॉर्मूले में कोई बदलाव नहीं होगा।
भाजपा ने नहीं तय किया अब तक कोई फार्मूला
इस बीच, भाजपा नेता एवं संस्कृति मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि अभी तक कोई फॉर्मूला तैयार नहीं किया गया है। किसी भाजपा नेता ने यह नहीं कहा कि एकनाथ शिंदे की मांगें नहीं मानी जाएंगी। लोगों के हितों की रक्षा के लिए काम करने वाली सरकार देने के उद्देश्य से शिंदे ने भाजपा से हाथ मिलाया था। भाजपा नेता ने कहा, उनकी मांगों का सम्मान किया जाएगा। पहले बालासाहेब ठाकरे और अब एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के लिए भाजपा के मन में बहुत सम्मान है। उन्होंने कहा कि शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस दोनों एक साथ बैठेंगे और लोकसभा चुनाव तथा विधानसभा चुनाव के लिए सीटों के बंटवारे को लेकर फैसला लेंगे।
(भाषा इनपुट के साथ)
