Maharashtra Local Body Elections: मुंबई नगर निगम (BMC) चुनावों को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। रिश्वतखोरी के आरोपों के बाद अब मतदान में इस्तेमाल होने वाली 'अमिट' स्याही को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में दावा किया गया कि वोट डालने के बाद उंगली पर लगाई जाने वाली स्याही कथित तौर एसीटोन या नेल पॉलिश रिमूवर के जरिए हटाई जा सकती है। हालांकि, बीएमसी प्रशासन ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि मतदान के दौरान स्याही मिटाने की खबरें 'गलत' हैं।
कांग्रेस सांसद ने शेयर किया VIDEO
मुंबई कांग्रेस नेता और लोकसभा सांसद वर्षा गायकवाड़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक वीडियो शेयर किया जिसमें उनके पार्टी सहयोगी एसीटोन या नेल पॉलिश रिमूवर की मदद से उंगली से स्याही का निशान हटाते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो को शेयर करते हुए वर्षा गायकवाड़ ने बीएमसी चुनावों की निष्पक्षता पर सवाल उठाए।
उन्होंने एक्स पर दावा, ''इस बार #BMCElection2026 के प्रबंधन से जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।'' उन्होंने आगे चुनाव से पहले स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए रिश्वतखोरी के आरोपों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, ''इस बार #BMCElection2026 के मैनेजमेंट से जवाबदेही और पारदर्शिता पर कई सवाल उठते हैं। वोटरों को आखिरी समय में दिए जा रहे रिश्वत पर कोई रोक नहीं, वोटरों के नाम गायब होना, SEC की वेबसाइट क्रैश होना जिससे वोटरों को अपना नाम ढूंढने में मुश्किल हो रही है, और ऐसी स्याही जो आसानी से मिटाई जा रही है।''
कांग्रेस नेता ने कहा, "हमारी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में लोगों का भरोसा हर कीमत पर बचाया जाना चाहिए, लेकिन ऐसा लगता है कि चुनाव आयोग और बीएमसी को इसकी बिल्कुल भी परवाह नहीं है। शर्मनाक!"
'मार्कर पेन का हो रहा इस्तेमाल'
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे ने दावा किया कि बीएमसी चुनावों में वोट डालने के बाद उंगली पर 'अमिट' स्याही की जगह मार्कर पेन का इस्तेमाल किया जा रहा है। मीडियाकर्मियों के साथ बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया, ''उंगली पर स्याही का निशान आसानी से सैनिटाइजर से मिटाया जा सकता है।'' उन्होंने ने कहा, "अब, एकमात्र विकल्प स्याही लगाना, बाहर जाना, उसे पोंछना और फिर वापस अंदर जाकर फिर से मतदान करना है।"
उद्धव ठाकरे ने भी किए चौंकाने वाले दावे
शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी ऐसे ही दावे किए। उन्होंने आरोप लगाया कि अमिट स्याही, जिसे मतदान के बाद मतदाताओं की उंगलियों पर लगाया जाता है, को नेल पॉलिश रिमूवर और सैनिटाइजर से आसानी से हटाया जा रहा है, जिससे कुछ लोगों को एक से अधिक बार मतदान करने की अनुमति मिल रही है।
