Mumbai Metro-9 and Metro-2B First Phase: मुंबई में मंगलवार का दिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ। शहर को दो नई मेट्रो लाइनों मेट्रो-9 और मेट्रो-2B के पहले चरण की सौगात मिली है। इन परियोजनाओं का उद्घाटन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की उपस्थिति में किया जाएगा। इन नई लाइनों से न केवल ट्रैफिक का दबाव कम होगा, बल्कि उपनगरों की कनेक्टिविटी भी तेज होगी। दोनों मेट्रो सेवाएं 8 अप्रैल से आम जनता के लिए संचालित होंगी।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दिखाई हरी झंडी
मेट्रो-9: दहिसर से मीरा-भायंदर तक सीधी कनेक्टिविटी
मेट्रो लाइन-9 (दहिसर ईस्ट–मीरा-भायंदर) को मुंबई के उत्तरी उपनगरों में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाने वाला माना जा रहा है। यह लाइन पूरी तरह से एलिवेटेड है और इसकी कुल लंबाई 10.5 किलोमीटर है, जिसमें 8 स्टेशन शामिल हैं। पहले चरण (Phase-I) में 4.7 किलोमीटर की दूरी कवर की जाएगी और इसके तहत दहिसर ईस्ट, पांडुरंगवाड़ी, मिरागांव और काशीगांव जैसे स्टेशन शामिल होंगे।
कनेक्टिविटी का बड़ा फायदा
मेट्रो लाइन-9 की कनेक्टिविटी उपनगरों के लिए कई बड़े फायदे लेकर आएगी। इसके जरिए मेट्रो-7 के माध्यम से सीधे अंधेरी (ईस्ट) तक पहुंचना संभव होगा, जिससे शहर के अन्य हिस्सों से कनेक्शन और आसान हो जाएगा। इसके अलावा, छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक पहुंच भी आसान होगी। वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर इंटरचेंज के जरिए मेट्रो नेटवर्क और भी मजबूत और व्यापक हो जाएगा।
यात्रियों को क्या मिलेगा?
दहिसर टोल नाका के आसपास ट्रैफिक दबाव में कमी आने की उम्मीद है। मेट्रो लाइन-9 से सफर का समय काफी घट जाएगा और रोजाना यात्रियों को बिना ट्रेन बदलें लंबी दूरी तय करने की सुविधा मिलेगी। अनुमान है कि इस नई मेट्रो लाइन के शुरू होने के बाद करीब 20–30% लोग सड़क यातायात छोड़कर मेट्रो का इस्तेमाल करेंगे, जिससे पीक आवर में ट्रैफिक लगभग 10–15% तक कम हो सकता है।
ग्रीन और स्मार्ट मेट्रो सिस्टम
मेट्रो-9 को पर्यावरण के लिहाज से भी विशेष रूप से तैयार किया गया है। इसकी इलेक्ट्रिक संचालन प्रणाली कार्बन उत्सर्जन को कम करती है, जबकि रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग तकनीक से ऊर्जा की बचत होती है। इसके अलावा, SCADA सिस्टम के माध्यम से रियल-टाइम मॉनिटरिंग की सुविधा उपलब्ध है। सभी स्टेशन दिव्यांग यात्रियों के लिए पूरी तरह से सुविधाजनक बनाए गए हैं।
मेट्रो-2B: ईस्ट-वेस्ट कनेक्टिविटी का नया कॉरिडोर
मेट्रो लाइन-2B मुंबई के ईस्ट-वेस्ट और नॉर्थ-साउथ नेटवर्क को आपस में जोड़ने में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगी। इसके पहले चरण (Phase-I) में डायमंड गार्डन (चेंबूर) से मंडाले तक 5.53 किलोमीटर लंबाई वाले मार्ग पर 5 स्टेशन शामिल हैं, जो पूरी तरह एलिवेटेड हैं। पूरी परियोजना के अंतर्गत कुल 23.45 किलोमीटर लंबा रूट होगा और इसमें 19 स्टेशन होंगे, जो DN नगर (अंधेरी) से लेकर मंडाले तक फैले हैं।
मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी का हब
मेट्रो-2B मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी का एक महत्वपूर्ण हब बनकर उभरेगी। यह कई प्रमुख ट्रांजिट नेटवर्क से जुड़ी है, जिनमें मेट्रो-1 (DN नगर), मेट्रो-3 (BKC), मेट्रो-4, मुंबई मोनोरेल (चेंबूर) और हार्बर लाइन (मानखुर्द) शामिल हैं। इसका मतलब यह है कि अब यात्री बस, ट्रेन, मोनोरेल और मेट्रो के बीच सहज और सुविधाजनक इंटरचेंज का लाभ उठा सकेंगे।
इंजीनियरिंग और सस्टेनेबिलिटी में मिसाल
सभी Phase-I स्टेशन IGBC Green Platinum रेटिंग वाले हैं और इनमें 75% तक प्राकृतिक रोशनी का इस्तेमाल किया गया है। पूरी मेट्रो लाइन में 100% LED लाइटिंग और सोलर पावर प्लान लागू है। ऊर्जा की बचत के लिए VVVF टेक्नोलॉजी का उपयोग किया गया है, जिससे यात्रियों को तेज़, सुरक्षित और आरामदायक सफर सुनिश्चित होता है। यह मेट्रो विस्तार ट्रैफिक जाम को कम करने, यात्रा समय घटाने और प्रदूषण तथा ईंधन खपत को घटाने में भी मदद करेगा। मेट्रो-9 और मेट्रो-2B के पहले चरण से उपनगरों को तुरंत राहत मिलेगी, और जब पूरा नेटवर्क तैयार हो जाएगा, तो मुंबई का सफर और भी तेज, कनेक्टेड और स्मार्ट बन जाएगा।
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