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Mumbai News: मुंबई लोकल में बढ़ेगी अब बोगियों की संख्या; 18 डिब्बों वाली ट्रेनों का होगा ट्रायल

Mumbai Local News: मुंबई की लोकल ट्रेनों में रोजाना सफर करने वाले लाखों यात्रियों को राहत देने की दिशा में पश्चिमी रेलवे एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। बढ़ती भीड़ और यात्रियों की संख्या को देखते हुए रेलवे इस महीने के अंत में 18 बोगी वाली लोकल ट्रेनों का सुरक्षा परीक्षण करेगा। यदि ट्रायल सफल रहता है, तो भविष्य में मुंबई के उपनगरीय रेल नेटवर्क में लंबी लोकल ट्रेनें चलाई जा सकती हैं, जिससे पीक आवर्स की भीड़ कम होने की उम्मीद है।

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अब 18 बोगियों वाली लोकल दौड़ाने की तैयारी में वेस्टर्न रेलवे (सांकेतिक चित्र)

Mumbai Local Train News: मुंबई के उपनगरीय रेल नेटवर्क में यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पश्चिमी रेलवे (WR) लोकल ट्रेनों में बोगियों की संख्या बढ़ाने वाला है। रेलवो इस महीने के अंत में 18 बोगी वाली लोकल ट्रेनों का महत्वपूर्ण परीक्षण करने जा रही है। फिलहाल मुंबई के उपनगरीय नेटवर्क में अधिकतर 12 बोगी वाली लोकल ट्रेनें संचालित होती हैं। इसके अलावा, मध्य रेलवे (CR) और पश्चिमी रेलवे दोनों ही सीमित संख्या में 15 बोगी वाली लोकल सेवाएं चला रहे हैं। पूरे नेटवर्क में रोजाना 3,000 से अधिक लोकल ट्रेन सेवाओं के जरिए करीब 75 लाख यात्री सफर करते हैं।

विरार-दहानू रोड सेक्शन पर होंगे ट्रायल

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, पालघर जिले के विरार-दहानू रोड खंड पर 18 बोगी वाली दो लोकल ट्रेनों के ट्रायल 14 और 15 जनवरी को अस्थायी रूप से किए जाएंगे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इन परीक्षणों के दौरान दो प्रमुख सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी। वो हैं, इमरजेंसी ब्रेकिंग डिस्टेंस (EBD) और कपलर फोर्स (CF)।

क्या होते हैं EBD और CF परीक्षण

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, EBD परीक्षण यह परखने के लिए किया जाता है कि आपात स्थिति में ट्रेन कितनी दूरी में पूरी तरह रुक सकती है। CF परीक्षण के जरिए ब्रेक लगाने के दौरान ट्रेन के डिब्बों को जोड़ने वाले कपलर पर पड़ने वाले दबाव का आकलन किया जाता है। ये दोनों परीक्षण किसी भी नई ट्रेन को यात्री सेवा में शुरू करने से पहले जरूरी सुरक्षा मानक होते हैं।

अलग-अलग इलेक्ट्रिक सिस्टम वाली ट्रेनों का ट्रायल

पश्चिमी रेलवे के मुताबिक, ये ट्रायल दो अलग-अलग 18 बोगी वाली लोकल ट्रेनों पर किए जाएंगे। एक ट्रेन में बॉम्बार्डियर कंपनी के विद्युत उपकरण लगे होंगे और दूसरी ट्रेन मेधा सर्वो ड्राइव्स की विद्युत प्रणाली से लैस होगी। बॉम्बार्डियर सिस्टम वाली ट्रेन का परीक्षण 110 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति पर किया जाएगा, जबकि मेधा विद्युत प्रणाली वाली ट्रेन का ट्रायल 105 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर होगा।

RDSO के निर्देशों के तहत होगी पूरी तैयारी

पश्चिमी रेलवे ने बताया कि अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (RDSO) ने ट्रायल से पहले ट्रेन की पूरी तकनीकी तैयारी और उचित लोडिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि 18 बोगी वाली लोकल ट्रेनें शुरू होने से भविष्य में भीड़ कम करने और यात्रियों को अधिक सुविधा मिलने की उम्मीद है, हालांकि अंतिम निर्णय ट्रायल रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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