शहर

बस ड्राइवर की लापरवाही से गई थी बेटे की जान, दो साल बाद परिवार को मिला 2.21 करोड़ का मुआवजा

महाराष्ट्र में दिसंबर 2023 में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक युवा इंजीनियर के परिवार की ज़िंदगी हमेशा के लिए बदल दी। कोंकण रेलवे के जूनियर इंजीनियर की तेज रफ्तार MSRTC बस की टक्कर से मौत के मामले में मुंबई मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल (MACT) ने बड़ा फैसला सुनाया है।

Image

2023 में बस ड्राइवर की लापरवाही से हुआ था हादसा (सांकेतिक चित्र)

Maharashtra News: दिसंबर 2023 की बात है महाराष्ट्र में हुए एक सड़क हादसे में कोंकण रेलवे के 30 वर्षीय जूनियर इंजीनियर अनिकेत दाभोलकर की मौत हो गई। दो साल बाद इस मामले को लेकर कोर्ट-कचहरी का चक्कर काटते परिवार मुंबई मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल (MACT) ने महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) को करीब 2.21 करोड़ मुआवजा देने का आदेश दिया है।

सब्जी खरीदते समय हुआ हादसा

21 दिसंबर 2023 की सुबह अनिकेत अपने पिता के साथ सब्जी खरीदने बाजार गए थे। वह सड़क किनारे अपनी स्कूटी के पास खड़े थे, तभी तेज रफ्तार MSRTC बस सड़क के किनारे नियंत्रण खो बैठी और उन्हें टक्कर मार दी। गंभीर सिर में चोट लगने से अनिकेत की मौके पर ही मौत हो गई। उस समय वह एक साल के बेटे के पिता थे। ट्रिब्यूनल की सुनवाई के दौरान MSRTC ने यह दावा किया कि अनिकेत अचानक बस के सामने आ गए थे, लेकिन अदालत ने इस तर्क को खारिज कर दिया। पुलिस रिपोर्ट और सबूतों के आधार पर ट्रिब्यूनल ने माना कि स्कूटी रुकी हुई थी और बस चालक लापरवाही से बस चला रहा था।

ट्रिब्यूनल की सख्त टिप्पणी

फैसले में ट्रिब्यूनल ने कहा कि सड़क किनारे खड़े व्यक्ति को टक्कर मारना साफ तौर पर चालक की लापरवाही को दर्शाता है। अदालत ने माना कि मृतक के परिवार ने चालक की लापरवाही को पूरी तरह साबित किया है। ट्रिब्यूनल ने MSRTC को 30 दिनों के भीतर मुआवजा जमा करने का निर्देश दिया है, जिसमें 7% वार्षिक ब्याज भी शामिल होगा। कुल राशि में से 95 लाख मृतक की पत्नी, 95 लाख उनके नाबालिग बेटे, जबकि शेष राशि माता-पिता को दी जाएगी।

भविष्य को देखते हुए तय हुआ मुआवजा

अनिकेत दाभोलकर कोंकण रेलवे में जूनियर इंजीनियर थे और उनका मासिक वेतन करीब ₹84,000 था। ट्रिब्यूनल ने उनकी आय, उज्ज्वल करियर और परिवार की निर्भरता को ध्यान में रखते हुए ₹1.95 करोड़ का मूल मुआवजा तय किया, जिसमें आश्रितों की क्षति, अंतिम संस्कार खर्च और मानसिक पीड़ा के लिए कंसोर्टियम शामिल है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

और पढ़ें
End of Article