MP में आज का मौसम (1 Feb 2026): मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है। पश्चिमी विक्षोभ और तेज हवाओं के असर से प्रदेश के उत्तरी और मध्य हिस्सों में ठंड, कोहरा और बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने रविवार को राज्य के उत्तरी क्षेत्र के 15 जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। कुछ इलाकों में ओले गिरने की भी आशंका जताई गई है, जिससे जनजीवन और खेती पर असर पड़ सकता है।
इन जिलों में आज आंधी-बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा और राजगढ़ जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। यहां हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। श्योपुर और मुरैना में ओलावृष्टि का भी खतरा बना हुआ है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, सागर, विदिशा और रतलाम में दिनभर बादल छाए रह सकते हैं।
कोहरे का असर, कई इलाकों में दृश्यता घटी
सुबह के समय प्रदेश के कई हिस्सों में कोहरे ने परेशानी बढ़ाई। छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में मध्यम कोहरा देखा गया, जबकि ग्वालियर, दतिया और रीवा में घना कोहरा छाया रहा। भोपाल और इंदौर में भी कोहरे के कारण दृश्यता कम हो गई। खजुराहो और कटनी का करौंदी प्रदेश के सबसे ठंडे इलाके रहे, जहां न्यूनतम तापमान 5 से 6 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया।
अगले तीन दिन कैसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग के मुताबिक 2 फरवरी को ग्वालियर, भोपाल समेत 20 से अधिक जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। 3 फरवरी को ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड क्षेत्र के कई जिलों में हल्की बारिश के आसार हैं। वहीं 4 फरवरी को छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि ग्वालियर से लेकर सीधी तक कई जिलों में मध्यम से घना कोहरा छा सकता है।
क्यों बदल रहा है मौसम
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और तेज जेट स्ट्रीम हवाओं के कारण यह बदलाव हो रहा है। उत्तर भारत में सक्रिय यह मौसम प्रणाली मध्य प्रदेश तक असर दिखा रही है। पहाड़ी राज्यों में हो रही बर्फबारी से ठंडी हवाएं मैदानों की ओर बढ़ रही हैं, जिससे दिन और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है।
किसानों की बढ़ी चिंता
जनवरी में बारिश, ओलावृष्टि और कोहरे से प्रदेश के कई इलाकों में किसानों को नुकसान हुआ है। गेहूं, चना और सरसों की फसलों पर इसका असर पड़ा है। सरकार ने नुकसान का सर्वे शुरू कर दिया है। मौसम विभाग का कहना है कि फरवरी के पहले सप्ताह में भी पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव बना रह सकता है और इसके बाद ठंड का एक और दौर आने की संभावना है।
