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MP Assembly Election 2023: सरकारी नंबर प्लेट वाली कार से बड़ा खेल, सवा पांच करोड़ के जेवर मिलते ही उड़े होश

MP Assembly Election 2023-मध्य प्रदेश के सतना में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर गठित की गई एसएसटी टीम ने सवा पांच करोड़ रुपये मूल्य के हीरे और सोने से बने जेवरात पकड़े हैं। पुलिस ने इस मामले में दो युवतियों समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है।

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MP में सवा पांच करोड़ के जेवर बरामद

Photo : ANI

सतना: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रदेश और जिलों की सीमा पर पुलिस चौकन्ना है। इसी बीच शुक्रवार की रात SST टीम ने सरकारी नंबर प्लेट लगी गाड़ी से सवा 5 करोड़ रुपयों के हीरे और सोने से बने जेवरात जब्त किए हैं। गाड़ी में मध्य प्रदेश शासन लिखा हुआ है। पुलिस ने दो युवतियों सहित 4 लोगों को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है।

ज्वेलरी के संबंध में नहीं दे पाए जानकारी

जानकारी के मुताबिक, सतना-पन्ना बार्डर पर विधानसभा चुनाव के मद्दे नजर SST जांच टीम वाहनों की चेकिंग में लगी हुई थी। चेकिंग के दौरान MP 04 CZ 0779 की तलाशी के दौरान डायमंड और गोल्ड से बने करोड़ो के जेवरात पकड़े गए हैं। कार में 2 युवतियों सहित 4 लोग सवार थे, जो भोपाल से रीवा जा रहे थे। स्विफ्ट डिजायर कार में मध्य प्रदेश शासन लिखा हुआ था। पकड़े गए सभी लोग भोपाल के बताए जा रहे हैं। पूछताछ के दौरान कार में सवार लोग ज्वेलरी के सम्बंध में कोई भी दस्तावेज पेश नहीं कर पाए। लिहाजा, नागौद थाना पुलिस और आयकर विभाग इसकी जांच कर रही है।

जेवर हॉल मार्क

कार सवार भोपाल से ज्वेलरी लेकर रीवा जा रहे थे। वहां समदरिया मॉल में जेवरों की प्रदर्शनी लगनी है। जेवर हॉल मार्क हैं और उनका बीमा भी है, लेकिन परिवहन से संबंधित कोई दस्तावेज या बिल-पुर्जा नहीं मिला है। युवक युवतियों के पास से कंपनी के आई कार्ड मिले हैं। फिलहाल इसकी सूचना आयकर विभाग को दे दी गई है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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