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उत्तराखंड में मानसूनी तबाही, कहीं धंसा हाईवे तो कहीं फटा बादल; केदारनाथ मार्ग भी बाधित

उत्तराखंड में मानसून कहर बरसा रहा है। कई जगहों से पहाड़ी दरकने और बादल फटने जैसी खबरें आई हैं, जिससे जनजीवन पर बहुत असर हुआ है। असर चारधाम यात्रा पर भी हुआ है। यमुनोत्री और केदारनाथ जैसे धार्मिक स्थलों तक पहुंचने वाले रास्तों पर भी सड़कें धंस गई हैं।

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रुद्रप्रयाग में बादल फटने के बाद के दृश्य

Photo : Times Now Digital

Uttarakhand News: उत्तराखंड में जारी मानसून ने चारधाम यात्रा मार्गों पर गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। यमुनोत्री और केदारनाथ जैसे धार्मिक स्थलों तक पहुंचने वाले रास्तों का हाल खस्ता है। ताजा संकट यमुनोत्री धाम के अहम पड़ाव जानकी चट्टी से करीब तीन किलो मीटर पहले फूलचट्टी के पास सामने आया है, जहां हाइवे का करीब 100 मीटर हिस्सा मानसूनी बारिश की भेंट चढ़ गया है। स्थिति इतनी गंभीर है कि सड़क के किनारे लगे साइन बोर्ड और डामर सड़क का हिस्सा तक यमुना नदी की ओर बह गए हैं। सड़क पर बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं, जिनमें एक व्यक्ति तक समा सकता है। इस जर्जर रास्ते से हल्के वाहन भी गुजरने पर खतरा पैदा हो सकता है, क्योंकि थोड़ी सी चूक सीधे वाहन को नदी में गिरा सकती है। इसके बावजूद, लोग जान जोखिम में डालकर इस रास्ते से सफर कर रहे हैं।

केदारनाथ मार्ग पर दरकी पहाड़ी

एक और खबर रुद्रप्रयाग जिले से आई है। यहां केदारनाथ यात्रा पर भी बारिश का कहर टूट पड़ा है। आज तड़के 3:30 बजे गौरीकुंड के पास पहाड़ी दरकने से पैदल यात्रा मार्ग बाधित हो गया है। भारी मलबा और पत्थरों के चलते मार्ग पूरी तरह बंद कर दिया गया है। लोक निर्माण विभाग की टीम रास्ता खोलने के प्रयास में जुटी है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने पैदल आवाजाही को पूरी तरह से रोक दिया है और सभी से मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार यात्रा करने की अपील की गई है।

रुद्रप्रयाग में बादल फटा

केदारघाटी के रुमसी गांव में शुक्रवार की रात बादल फटने से तबाही मच गई। अचानक आए मलबे में कई घर और वाहन दब गए। प्रशासन ने रेस्क्यू टीम को तुरंत मौके पर रवाना कर दिया है और राहत-बचाव कार्य जारी है। फिलहाल किसी व्यक्ति के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है।

मौसम देखकर करें यात्रा

बारिश और भूस्खलन की घटनाओं को देखते हुए उत्तराखंड प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम की स्थिति को देखकर ही यात्रा की योजना बनाएं। लगातार हो रही बारिश और रास्तों की खराब स्थिति को देखते हुए यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। फिलहाल भारी बारिश के चलते यात्रा की रफ्तार धीमी है लेकिन जैसे ही मानसून कमजोर होगा, अगले दो महीनों में यात्रा के लिए लोगों की भीड़ फिर पहुंचेगी। ऐसे में प्रशासन के लिए इस क्षतिग्रस्त मार्ग को दुरुस्त करना एक बड़ी चुनौती बन गया है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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