INDIA Bloc Protest: विपक्षी INDIA गठबंधन ने चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और वोट चोरी के आरोपों को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। साथ ही, चुनाव आयोग की ओर से चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को तत्काल रोकने, मतदाता सूची से हटाए गए मतदाताओं के नाम बहाल करने और सभी चुनाव बैलेट पेपर से कराने की मांग की गई है।
ज्ञापन में विपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर चुनाव व्यवस्था और देश के लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर करने का आरोप लगाया है। विपक्ष का दावा है कि देश के करोड़ों नागरिकों के मतदान के संवैधानिक अधिकार को प्रभावित किया गया है। ज्ञापन में हरियाणा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, दिल्ली और पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए चुनावी प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप लगाए गए हैं।
विपक्ष का आरोप- EVM और मतदाता सूची में हुई हेरफेर
राष्ट्रपति को दिए गए ज्ञापन में विपक्ष ने आरोप लगाया है कि कई विधानसभा और लोकसभा चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और मतदाता सूचियों में कथित तौर पर हेरफेर की गई। विपक्ष ने इसे लोकतंत्र की बुनियाद पर हमला बताते हुए कहा कि चुनाव आयोग का दायित्व चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करना है। ज्ञापन में मुख्य चुनाव आयुक्त पर सुप्रीम कोर्ट के सामने कथित तौर पर गलत जानकारी देने का आरोप भी लगाया गया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत मतदान का अधिकार प्रतिनिधि लोकतंत्र की बुनियाद है। विपक्ष ने कहा कि चुनाव आयोग इस संवैधानिक अधिकार का संरक्षक है, मालिक नहीं। आयोग को संविधान के प्रति जवाबदेह होना चाहिए, न कि राजनीतिक नेतृत्व के प्रति।
राष्ट्रपति से विपक्ष की चार प्रमुख मांगें
विपक्षी INDIA गठबंधन ने राष्ट्रपति से मामले में हस्तक्षेप करने और अपनी मांगों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की है। ज्ञापन में चार प्रमुख मांगें रखी गई हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनाव आयुक्तों को संरक्षण देने वाले 2023 के कानून को निरस्त करने की मांग की गई है। विपक्ष ने आरोप लगाया है कि यह कानून मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों को व्यापक कानूनी संरक्षण देता है।
SIR पर तत्काल रोक
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया तत्काल रोकने और विपक्ष के दावे के मुताबिक मतदाता सूची से कथित तौर पर हटाए गए 13.30 करोड़ मतदाताओं के नाम बहाल करने की मांग की गई है।
बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग
विपक्ष ने देश में सभी चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के बजाय कागजी मतपत्रों से कराने की मांग की है।
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पिछले दो साल के चुनाव रद्द करने की मांग
ज्ञापन में पिछले दो वर्षों के उन सभी विधानसभा चुनावों को रद्द करने की मांग की गई है, जिनमें विपक्ष के मुताबिक वोट चोरी के निर्णायक सबूत सामने आए हैं।
'राष्ट्रपति लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए हस्तक्षेप करें'
विपक्ष ने राष्ट्रपति से अपील की है कि वह देश के संवैधानिक प्रमुख के तौर पर इस मामले का संज्ञान लें और अपनी संवैधानिक भूमिका का इस्तेमाल करते हुए उठाई गई मांगों पर कार्रवाई सुनिश्चित करें। ज्ञापन में कहा गया है कि जब दूसरे रास्ते बंद हो जाते हैं, तब देश की जनता राष्ट्रपति पद की ओर उम्मीद से देखती है।
विपक्ष ने राष्ट्रपति से संविधान की रक्षा के लिए निर्णायक कदम उठाने की अपील करते हुए कहा है कि नागरिकों की आवाज को दबाया नहीं जाना चाहिए।
