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Mansoon 2026 : रफ्तार से बढ़ा मॉनसून, ओडिशा को पार बंगाल में ली एंट्री; आंधी-तूफान संग झमाझम बारिश

Southwest Monsoon 2026 : मौसम विभाग ने दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के ओडिशा और पश्चिम बंगाल में दस्तक देने पर मुहर लगा दी है। फिलहाल, दोनों राज्यों के अधिकांश जिलों में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है, जो अगले कई दिनों तक जारी रहने का अनुमान है।

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दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ओडिशा पहुंचा (फोटो-AI)

Southwest Monsoon 2026 : दक्षिण भारत में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के सक्रिय होने के बाद तूफानी बारिश का सिलसिला आगे बढ़ चुका है। शुक्रवार को को उत्तरी ओडिशा के कुछ हिस्सों में दस्तक देते हुए बंगाल के कुछ हिस्सों में एंट्री ले चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, नए सिस्टम के सक्रिय होते ही 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी-तूफान और बारिश की गतिविधियां शुरू हो गई हैं, जो आगे कई दिनों तक जारी रहेंगी, जिससे तापमान में कई डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई और लोगों को भीषण गर्मी और लू से राहत मिली है। आईएमडी का पूर्वानुमान है कि अगले कुछ घंटे में मानसून बिहार-छत्तीसगढ़ और झारखंड की ओर शिफ्ट होगा।

भुवनेश्वर मौसम केंद्र ने बताया कि अगले दो-तीन दिनों में मॉनसून के ओडिशा के अन्य हिस्सों में पहुंचने के लिए हालात अनुकूल हैं। विभाग के निदेशक मनोरमा मोहंती ने कहा कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 12 जून को ओडिशा पहुंच गया। इसने जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, भद्रक, बालासोर और मयूरभंज जिले के कुछ हिस्सों में दस्तक दे दी।

मोहंती ने बताया कि शनिवार को बालासोर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर, कटक, क्योंझर, मयूरभंज, नबरंगपुर, रायगड़ा, कोरापुट, मलकानगिरी और गजपति में आंधी के साथ बारिश होने और 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।

आईएमडी ने एक बुलेटिन में कहा कि शनिवार को नबरंगपुर, रायगड़ा, कोरापुट, मलकानगिरी और गजपति के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है। बुलेटिन में इन जिलों के लिए ’ऑरेंज अलर्ट’ (कार्रवाई के लिए तैयार रहने की चेतावनी) जारी किया गया है।

आईएमडी ने शुक्रवार को सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा, बारगढ़, संबलपुर, देवगढ़, अंगुल, ढेंकनाल, सोनपुर, बौध, नुआपाड़ा, बोलांगीर, कालाहांडी, कंधमाल, गंजम, पुरी, खुर्दा और नयागढ़ में आंधी, आकाशीय बिजली गिरने और बारिश का पूर्वानुमान जताते हुए ’येलो अलर्ट’ जारी किया है। विभाग ने कहा कि शनिवार को बालासोर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर, कटक, गजपति, गंजम, पुरी, खुर्दा और नयागढ़ सहित कई जगहों पर गर्मी और उमर भरी स्थिति बनी रहेगी।

पश्चिम बंगाल पहुंचा दक्षिण-पश्चिम मानसून

मौसम विभाग ने शुक्रवार को बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून पुरुलिया जिले के कुछ हिस्सों को छोड़कर पश्चिम बंगाल के अधिकतर हिस्सों में पहुंच चुका है जिससे लोगों को गर्म और उमस भरे मौसम से राहत मिली है। आईएमडी ने कहा कि शुक्रवार को कोलकाता और राज्य के दक्षिणी हिस्सों के कुछ जिलों में गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। हवा के अनुकूल पैटर्न और बंगाल की खाड़ी से आ रही प्रबल नमी के कारण दक्षिण बंगाल में बारिश और गरज के साथ बौछारें तथा राज्य के उत्तरी हिस्से के उप-हिमालयी जिलों में भारी बारिश की संभावना 15 जून तक बनी रहेगी।

मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून पश्चिमी जिले पुरुलिया के कुछ क्षेत्रों को छोड़कर पश्चिम बंगाल के अधिकतर हिस्सों में आगे बढ़ चुका है और अगले दो से तीन दिनों में यह शेष हिस्से में भी पहुंच जाएगा। आईएमडी ने कहा कि अगले पांच दिनों में दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और कूचबिहार जैसे उप-हिमालयी जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है।

उत्तर बंगाल के मालदा और दक्षिण के पूर्व मेदिनीपुर जिले के हल्दिया में शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे तक के बीते 24 घंटों में 66-66 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो राज्य में सबसे अधिक है। इस अवधि के दौरान जिन अन्य स्थानों पर अच्छी बारिश हुई, उनमें बर्दवान (60 मिमी), बांकुडा (32 मिमी) और झाड़ग्राम (31 मिमी) शामिल हैं। मौसम विभाग के अनुसार, कोलकाता, पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, बांकुडा, पुरुलिया और पश्चिम बर्दवान में शुक्रवार को गरज के साथ बारिश होने की संभावना है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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