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Monsoon 2024: दक्षिण-पश्चिम मानसून ने बोला बाय-बाय, इस साल की 934.8 मिमी वर्षा; जानें कहां हुआ कितना मेहरबान

Monsoon 2024: दक्षिण-पश्चिम मानसून देश से पूरी तरह से विदा हो गया है। दक्षिण-पूर्वी प्रायद्वीपीय भारत में पूर्वोत्तर मानसून का आगाज़ हो गया है। इस साल मॉनसूनी सीजन में राजस्थान, गुजरात, पश्चिमी मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश उन राज्यों में शामिल हैं जहां सामान्य से अधिक वर्षा हुई।

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मॉनसून सीजन 2024

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल
KEY HIGHLIGHTS
  • दक्षिण-पश्चिम मानसून देश से पूरी तरह से विदा
  • भारत में पूर्वोत्तर मानसून का आगाज़
  • मानसून ऋतु में देश में 934.8 मिमी वर्षा

Monsoon 2024: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मंगलवार को कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून देश से पूरी तरह से विदा हो गया है और दक्षिण-पूर्वी प्रायद्वीपीय भारत में पूर्वोत्तर मानसून का आगाज़ हो गया है। इस साल, दक्षिण-पश्चिम मानसून 30 मई को केरल पहुंचा था और दो जुलाई तक इसने पूरे देश को कवर कर लिया। 23 सितंबर को इसने उत्तर-पश्चिम भारत से वापसी शुरू कर दी। आमतौर पर दक्षिण-पश्चिम मानसून एक जून तक केरल में पहुंचता है और आठ जुलाई तक पूरे देश में फैल जाता है और उत्तर-पश्चिम भारत से इसकी वापसी 17 सितंबर के आसपास शुरू होती है और 15 अक्टूबर तक यह पूरी तरह लौट जाता है।

934.8 मिमी वर्षा

आईएमडी ने एक बयान में कहा कि आज, दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे देश से विदा हो गया है। इसके साथ ही, दक्षिण-पूर्वी प्रायद्वीपीय भारत में पूर्वोत्तर मानसून की वर्षा गतिविधि शुरू हो गई है। इस वर्ष मानसून ऋतु में देश में 934.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई जो सामान्य 868.6 मिमी से ज्यादा है और यह 2020 के बाद से सबसे अधिक है। मौसम विभाग के अनुसार, विशेष रूप से अगस्त और सितंबर में तीव्र निम्न दबाव की स्थितियों के कारण इस बार मानसून के दौरान सामान्य से आठ प्रतिशत अधिक वर्षा हुई।

ब्रेक मानसून

जून और जुलाई में सामान्य से दो प्रतिशत अधिक वर्षा हुई, जबकि अगस्त और सितंबर में सामान्य से 12 फीसदी ज्यादा बारिश हुई। आईएमडी ने कहा कि बड़ी संख्या में निम्न दबाव की स्थितियों के कारण भारत को इस वर्ष किसी भी “ब्रेक मानसून” स्थिति का सामना नहीं करना पड़ा। क्षेत्रीय स्तर पर, मध्य भारत में सामान्य से 19.5 प्रतिशत, प्रायद्वीपीय भारत में 14 फीसदी और उत्तर-पश्चिम भारत में सात प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई। हालांकि, आईएमडी ने कहा कि पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई। जून में वर्षा सामान्य से 11 प्रतिशत कम हुई, लेकिन जुलाई में सामान्य से नौ फीसदी, अगस्त में 15.3 प्रतिशत तथा सितंबर में 11.6 फीसदी अधिक वर्षा दर्ज की गई।

इन राज्यों में हुई सबसे ज्यादा बारिश

आईएमडी के अनुसार, राजस्थान, गुजरात, पश्चिमी मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश उन राज्यों में शामिल हैं जहां सामान्य से अधिक वर्षा हुई। आईएमडी ने 2024 मानसून के लिए सामान्य से अधिक वर्षा (एलपीए का 106 प्रतिशत) का अनुमान लगाया था।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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