Elevate for Educators Program: आज के दौर में स्कूलों में पढ़ाई सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहेगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) अब सीधे क्लासरूम का हिस्सा बनने जा रही है। इस दिशा में माइक्रोसॉफ्ट ने भारत में “एलिवेट फॉर एजुकेटर्स” कार्यक्रम की शुरुआत की है, जिसका लक्ष्य शिक्षा प्रणाली में बड़े पैमाने पर बदलाव लाना है। इस कार्यक्रम के तहत 2030 तक 20 लाख शिक्षकों को एआई प्रशिक्षण दिया जाएगा और लगभग 2 लाख स्कूलों एवं शैक्षणिक संस्थानों को एआई आधारित शिक्षा के लिए तैयार किया जाएगा। सबसे खास बात यह है कि एशिया में इस पहल की शुरुआत सबसे पहले भारत से हुई है।
माइक्रोसॉफ्ट अध्यक्ष ने किया सीएम श्री स्कूल का दौरा
यह कदम माइक्रोसॉफ्ट की उस व्यापक योजना का हिस्सा है, जिसके अंतर्गत कंपनी 2030 तक भारत में 2 करोड़ लोगों को एआई कौशल से लैस करना चाहती है। माइक्रोसॉफ्ट अध्यक्ष ब्रैड स्मिथ ने नई दिल्ली के पंडारा रोड स्थित सीएम श्री स्कूल से इस पहल की शुरुआत की गई और इसे धीरे-धीरे दिल्ली के सभी 75 सीएम श्री स्कूलों में लागू किया जाएगा। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने इस अवसर पर कहा कि एआई भविष्य की शिक्षा है और इसे केवल कुछ चुनिंदा स्कूलों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली के सभी सरकारी स्कूलों और शिक्षकों को एआई से जोड़ना प्राथमिकता है, ताकि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को भी वही सुविधाएं मिलें जो निजी स्कूलों में उपलब्ध हैं।
क्रेडेंशियल्स, कम्युनिटी, और क्षमता पर आधारित
इस पहल के तहत स्कूलों में एआई साक्षरता, कंप्यूटेशनल थिंकिंग और तकनीक के जिम्मेदार उपयोग को शिक्षा का हिस्सा बनाया जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के दिशा-निर्देशों के अनुसार अब तीसरी कक्षा से ही बच्चों को एआई की बुनियादी समझ प्रदान की जाएगी। माइक्रोसॉफ्ट के मुताबिक, यह कार्यक्रम तीन मुख्य स्तंभों क्रेडेंशियल्स, कम्युनिटी, और क्षमता पर आधारित होगा। इसके अंतर्गत शिक्षकों के लिए नए प्रकार के प्रमाणन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, देशभर में शिक्षकों का एक लर्निंग नेटवर्क तैयार किया जाएगा, और लगभग 25,000 संस्थानों में एआई एंबेसडर, प्रोडक्टिविटी लैब्स और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे।
ब्रैड स्मिथ ने क्या कहा?
ब्रैड स्मिथ ने कहा कि “जैसे-जैसे एआई शिक्षा का नियमित हिस्सा बनती जा रही है, हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि यह शिक्षा को और मजबूत बनाए, मानवीय विवेक की रक्षा करे और शिक्षकों व छात्रों का भरोसा बनाए रखे। हम चाहते हैं कि पूरे भारत में बड़े पैमाने पर एआई को अपनाकर यह शिक्षकों और छात्रों के लिए नए अवसर बनाए और सार्थक परिणाम दे।” दिल्ली सरकार के अनुसार, सीएम श्री स्कूल 2047 तक विकसित भारत की दृष्टि के अनुरूप इस तरह से डिजाइन किए गए हैं कि ये संस्थान ज्ञान, कौशल और मूल्यों पर विशेष ध्यान केंद्रित करें।
(इनपुट - भाषा)
