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दिवाली का मौसम : 72 घंटे में मौसम करेगा पलटवार, आंधी संग बारिश होगी मूसलाधार: ठंड का आया अलर्ट

Kal Ka Mausam (08 November 2026) कल का मौसम कैसा रहेगा मानसून की बारिश, बाढ़ पर आईएमडी का अलर्ट : मौसम विभाग ने दिवाली के बाद उत्तर भारत और पहाड़ों पर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के एक्टिव रहने से आंधी-बारिश की संभावना होने की बात कही है। उधर, दक्षिण भारतीय राज्यों में उत्तर-पूर्वी मानसून के प्रभाव से बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।

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दिवाली का मौसम कैसा रहेगा

कल का मौसम कैसा रहेगा रविवार (08 नवंबर 2026) : उत्तर भारत में दिपावली पर मौसम के पलटवार की संभावना नहीं है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले तीन दिन तक उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पंजाब में मौसम सामान्यत: शुष्क रह सकता है, लेकिन 11-12 नवंबर को कुछ हिस्सों पर बादलों की आवाजाही हो सकती है और कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी या बारिश हो सकती है। इस दौरान तापमान में मामूली गिरावट देखी जा सकती है। उधर, पहाड़ों पर अगले 72 घंटे में एक नया पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होने जा रहा है, जिसके असर से उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले हिस्सों पर बारिश और बर्फबारी से मौसम खराब होगा। खासकर, बर्फ के गिरने से सर्दी बढ़ने के संकेत हैं। अगले 48 घंटे दौरान उत्तर-पूर्वी मानसून सक्रिय रहने से दक्षिण भारतीय राज्यों में बारिश का दौर जारी रहेगा। पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों पर भी मौसमी गतिविधियां रिकॉर्ड की जाएंगी।

हिमाचल में बर्फबारी का अलर्ट

मौसम विभाग ने बताया है कि पहाड़ों पर वेस्टर्न डिस्टरबेंस के बने रहने की संभावना है। दिपावली के बाद 10 नवंबर से पहाड़ों पर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के सक्रिय होने की संभावना है। जिससे बारिश और बर्फबारी शुरू होगी। इसका असर उत्तर भारत के ऊपर भी बना रह सकता है। हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले जिलों में खराब मौसम का असर दिखाई देगा। 11, 12 और 13 नवंबर को किन्नौर, कुल्लू, लाहौल स्पीति और चंबा की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी और बारिश का अलर्ट है, जिससे तापमान में कई डिग्री सेल्सियस की कमी आने से ठंडक बढ़ेगी। उधर, जम्मू-कश्मीर के पर्वतीय भागों पर बर्फबारी होगी और कहीं-कहीं बारिश रिकॉर्ड की जाएगी। कमोबेश ऐसा ही मौसम उत्तराखंड के हिमालयी भागों पर दिखाई देखा जाएगा।

दिल्ली-एनसीआर में दिवाली का मौसम

दिवाली-एनसीआर में मौसम साफ है और तापमान भी सामान्य के आसपास है। फिलहाल, न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है और अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। लेकिन हवा की क्वालिटी में गिरावट दर्ज की जा रही है और आसमान धुंध में नजर आ रही है। लगातार बढ़ता पॉल्यूशन लोगों के लिए सिरदर्द बनता जा रहा है। हवा बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई तथा इसके और बिगड़ने की आशंका है। माना जा रहा है कि दिवाली के पटाखों से हवा में जहर घुलेगा और लोगों को सांस लेने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। सीपीसीबी के आंकड़ों के मुताबिक, एक्यूआई 400 के ऊपर पहुंच गया है, जो बेहद खराब श्रेणी में है। यही कारण है कि दिल्ली में GRAP 3 लग गया है। सीपीसीबी के मानकों के अनुसार, शून्य से 50 के बीच वायु गुणवत्ता सूचकांक को अच्छा, 51 से 100 को संतोषजनक, 101 से 200 को मध्यम, 201 से 300 को खराब, 301 से 400 को बेहद खराब और 401 से 500 को गंभीर श्रेणी में रखा जाता है।

दक्षिण भारत में भारी बारिश का पूर्वानुमान

दक्षिण भारत में उत्तर पूर्वी मानसून के कारण अगले दो-तीन दिनों के दौरान तेज बारिश जारी रहेगी। खासकर, तमिलनाडु केरल और दक्षिणी कर्नाटक में तेज तूफानी हवाओं के साथ बादल बरसते नजर आएंगे। तमिलनाडु के कई हिस्सों में अगले दो दिनों तक भारी बारिश का पूर्वानुमान व्यक्त किया जा रहा है। दीपावली के उत्सव के दौरान रविवार को आठ जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पूर्वी अरब सागर और उससे सटे केरल क्षेत्र से दक्षिण आंतरिक कर्नाटक की ओर फैला एक निम्न दबाव क्षेत्र तमिलनाडु के मौसम को प्रभावित कर रहा है, जिससे गरज, बिजली और तेज हवाओं के साथ भारी वर्षा हो रही है। कुछ क्षेत्रों में बिजली और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ गरज भी हो सकती है। चेंगलपट्टू, विल्लुपुरम, कुड्डालोर, मयिलादुथुराई, नागपट्टिनम, तिरुवरुर, तंजावुर, विरुधुनगर, तेनकासी, थूथुकुडी और रामनाथपुरम जिलों में गरज और तेज हवाओं के साथ मध्यम बारिश का अनुमान लगाया गया है। आईएमडी ने आठ जिलों (तंजावुर, तिरुवरूर, नागपट्टिनम, मयिलादुथुराई, पुदुक्कोट्टई, रामनाथपुरम, थूथुकुडी और कन्याकुमारी) में छिटपुट स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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