शहर

बंगाल में सत्ता परिवर्तन पर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी का बड़ा बयान, कहा- मुस्लिम महिलाओं का मिला अहम समर्थन, जनता चाहती थी बदलाव

पश्चिम बंगाल की राजनीति को लेकर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी का बड़ा बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने सत्ता परिवर्तन को जनता का फैसला बताया। उन्होंने भाजपा की जीत के पीछे मुस्लिम महिलाओं के अहम योगदान और व्यापक जनसमर्थन की बात कही।

Image

आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Maulana Shahabuddin Razvi Bareilvi: आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने मीडिया को दिए बयान में कहा कि पश्चिम बंगाल में पिछले 15 सालों से चला आ रहा तृणमूल कांग्रेस का शासन अब खत्म हो गया है। उनके मुताबिक, राज्य की जनता ने इस बार भाजपा को भारी बहुमत के साथ सत्ता सौंपी है। उन्होंने यह भी कहा कि बंगाल की राजनीतिक परंपरा रही है कि जो पार्टी एक बार सत्ता में आती है, वह लंबे समय तक शासन करती है। मौलाना ने आगे कहा कि राज्य में विभिन्न समुदायों के लोग ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी से काफी नाखुश थे। इसी असंतोष के चलते हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लोगों ने बदलाव की इच्छा जताई और एकजुट होकर मौजूदा सरकार को हटाने का फैसला लिया।

मुस्लिम महिलाओं का मिला समर्थन

मौलाना ने कहा कि भाजपा को मिले इस भारी बहुमत में मुस्लिम महिलाओं का खामोश लेकिन अहम समर्थन शामिल रहा है। उनके अनुसार, मुस्लिम महिला आरक्षण के मुद्दे पर केंद्र सरकार की सक्रिय भूमिका और ममता बनर्जी के नकारात्मक रुख ने महिलाओं को प्रभावित किया और उन्हें बदलाव के लिए प्रेरित किया। उन्होंने यह भी कहा कि इसी कारण राज्य में लगभग 91 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ। इसके साथ ही मौलाना ने दावा किया कि देश के पांच राज्यों, खासकर पश्चिम बंगाल में निष्पक्ष चुनाव कराए गए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने मतदान प्रक्रिया को सुचारु और पारदर्शी बनाने के लिए जो इंतजाम किए, वे बेहद जरूरी थे। मौलाना ने निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग को बधाई भी दी।

"सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास"

मौलाना बरेलवी ने पश्चिम बंगाल में बनने वाली नई सरकार को सलाह देते हुए कहा कि सरकार के गठन के बाद नेतृत्व और निर्वाचित प्रतिनिधियों का दृष्टिकोण समावेशी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने वोट दिया हो या नहीं दिया हो, सभी को समान रूप से अपना मानते हुए उनके साथ न्यायपूर्ण व्यवहार किया जाना चाहिए। किसी भी तरह का भेदभाव या पक्षपात उचित नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि अगर सरकार का नेतृत्व "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास" के सिद्धांत को अपनाकर काम करेगा, तो सभी वर्गों का सहयोग और समर्थन मिलता रहेगा। इससे न केवल सामाजिक सौहार्द बना रहेगा, बल्कि भविष्य में किसी प्रकार के विवाद की संभावना भी कम हो जाएगी।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article