शहर

Barabanki: नेपाल के जलसैलाब से यूपी में हाहाकार, बाढ़ में समा गए गांव के गांव; खतरे के निशान के ऊपर सरयू

Saryu river Flood: यूपी के बाराबंकी में सरयू नदी ने तांडव मचा रखा है। पड़ोसी देश नेपाल के गिरजा व शारदा बैराज से 4 लाख क्यूसेक पानी छोड़ने पर नदी उफान पर है, जिसके पानी के चपेट में आने से कई गांव के गांव डूब गए हैं।

Image

बाराबंकी में बाढ़

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

रामनगर तहसील क्षेत्र में बाढ़

रामनगर तहसील क्षेत्र सरयू नदी के तलहटी में बसे दर्जनों गांव बाढ़ के पानी में डूबने लगे हैं। रामनगर तहसील क्षेत्र के सिसौंडा, दुर्गापुर और मल्लाहनपुरवा सहित कई गांव के लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। विकासखण्ड सूरतगंज के हेतमापुर, सुंदरनगर, ललपुरवा, कोडरी और बाबा पुरवा गांव पानी से घिर गए हैं। सरयू नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। यदि इसी रफ्तार से पानी बढ़ता रहा तो जल्द ही बाकी के गांवो में पानी पहुंच जाएगा। वहीं, पानी बढ़ने से कोरिनपुरवा, तपेसिपाह, जैनपुरवा में कटान का भी खतरा बढ़ गया है। इसके अलावा रामनगर तहसील के प्राथमिक विद्यालय तपेसिपाह और सिरौली गौसपुर तहसील क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय तेलवारी बाढ़ के पानी से डूब गये हैं। जिससे बच्चों का पढ़ाई भी बाधित हो गई है।

तहसील प्रशासन लगातार तटबंधों का निरीक्षण कर नदी के जल स्तर पर निगरानी बनाए हुए है। वहीं, बाढ़ का पानी घुसने के बाद लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने लगे हैं। बाराबंकी के जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि नेपाल के बैराजों से पानी छोड़ा गया है, जिससे नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। बाढ़ग्रस्त इलाकों में हम लगातार नजर बनाए हुए हैं। लोगों को लगातार सतर्क रहने की अपील की जारी रही है। बाढ़ प्रभावित लोगों के लिये राहत शिविर का काम भी लगभग पूरा हो गया है। ग्रामीणों को किसी तरह की समस्या न हो, प्रशासन इस बात का पूरा ध्यान रख रहा है। बाढ़ पीड़ितों की हर संभव मदद की जाएगी।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

और पढ़ें
End of Article