Latur School Bus Accident: मध्य महाराष्ट्र के लातूर जिले में एक बड़ा हादसा हो गया। बताया जा रहा है कि बुधवार सुबह एक प्राइवेट स्कूल बस के सड़क किनारे बने एक नाले में गिरने से 22 छात्र घायल हो गए जिनमें से एक की हालत गंभीर है। पुलिस इंस्पेक्टर बालाजी भांडे ने प्रारंभिक सूचना के आधार पर जानकारी दी कि "यह हादसा सुबह करीब 9.30 बजे हुआ जब रचनावाड़ी के पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर विद्यालय के लगभग 35 छात्रों को लेकर बस स्कूल जा रही थी। चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका जिससे बस सड़क से उतरकर चाकुर तहसील में संदोल-महांदोल रोड के पास एक नाले में पलट गई।"
माता-पिता ने की सख्त कार्रवाई की मांग
पुलिस ने बताया कि दुर्घटना की खबर सुनकर मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों ने घायल छात्रों को तुरंत चाकुर के ग्रामीण अस्पताल पहुंचाया। चाकुर पुलिस थाने के निरीक्षक भांडे अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव अभियान में मदद की। घायल बच्चों को अस्पताल ले जाने के लिए एम्बुलेंस का इंतजाम किया गया। माता-पिता भी दुर्घटना वाली जगह और अस्पताल पहुंचे और चालक तथा विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
सिर में गंभीर चोट लगने से एक छात्र की हालत गंभीर
डॉक्टरों ने बताया कि ज्यादातर छात्रों को हाथों, पैरों और कोहनियों में मामूली चोटें आईं और उनकी हालत स्थिर थी। हालांकि, चिकित्साधिकारी डॉ. संग्राम नरवाते ने बताया कि सिर में गंभीर चोट लगने के कारण एक छात्र को आगे के इलाज के लिए लातूर शहर भेजा गया। माता-पिता का आरोप है कि नियमित चालक ने स्कूल प्रशासन को बताए बिना बस दूसरे चालक को सौंप दी और शहर छोड़कर चला गया। उनका कहना है कि यह हादसा दूसरे चालक की लापरवाही और अनुभव की कमी के कारण हुआ।
स्कूल प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल उठाए गए
हादसे के बारे में पूछे जाने पर, स्कूल के नए प्रधानाध्यापक सतीश बिराजदार ने कहा कि उन्होंने अभी तक अपना पद नहीं संभाला है, जबकि उनसे पहले इस पद पर रहे भगवान खड़के ने बताया कि उन्हें संस्थान ने पहले ही किसी अन्य मामले में निलंबित कर दिया था। दो अधिकारियों के बीच चल रहे विवाद के बीच, नाराज अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल उठाए।
चाकुर प्रखंड शिक्षा अधिकारी ने क्या बताया?
चाकुर प्रखंड शिक्षा अधिकारी मंदोदरी वाकड़े ने कहा कि विद्यालय को छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से निर्देश दिए जाते हैं। उन्होंने कहा, "हम हर महीने बैठकें करते हैं और छात्रों की सुरक्षा के बारे में जरूरी दिशा-निर्देश जारी करते हैं। हालांकि, ऐसा लगता है कि इस स्कूल ने इन निर्देशों का पालन नहीं किया। वरिष्ठ अधिकारियों को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपी जाएगी और जो भी इसके लिए जिम्मेदार पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।"
