Manipur Violence: मणिपुर में जारी हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। राज्य के कामजोंग जिले (Kamjong District Attack Militants) से एक बार फिर दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां संदिग्ध उग्रवादियों ने एक गांव पर हमला कर दो लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी। हमलावरों ने न सिर्फ निर्दोष लोगों को निशाना बनाया, बल्कि गांव के कई घरों को भी आग के हवाले कर दिया। यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब इसके ठीक एक दिन पहले कांगपोकपी जिले से छह नागा नागरिकों के शव बरामद हुए थे।
30 घरों को किया आग के हवाले
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, म्यांमार सीमा के पास स्थित एक छोटे से गांव 'कुलतुह कुकी' को उग्रवादियों ने निशाना बनाया। गुरुवार तड़के करीब 4 बजकर 55 मिनट पर जब लोग सो रहे थे, तभी हथियारबंद संदिग्ध उग्रवादियों ने गांव पर हमला बोल दिया। इस अंधाधुंध गोलीबारी में दो स्थानीय निवासियों की मौके पर ही मौत हो गई।
इसके बाद उग्रवादियों ने सीमावर्ती इलाके के करीब 30 घरों में आग लगा दी, जिससे पीड़ित परिवारों का सब कुछ जलकर खाक हो गया। घटना की सूचना मिलते ही सुरक्षा बल बेहद सुदूर इलाके में स्थित इस गांव में पहुंच गए हैं, लेकिन हमलावर कौन थे, इसकी पहचान अभी नहीं हो पाई है।
चर्च के पदाधिकारियों की हत्या
इस कायरतापूर्ण हमले की हर तरफ कड़ी निंदा हो रही है। 'कुकी बैपटिस्ट कन्वेंशन' ने इस हत्याकांड पर गहरा दुख और आक्रोश जताया है। उन्होंने सरकार और स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तुरंत कड़े और ठोस कदम उठाए जाएं।
वहीं, इस घटना पर राजनीतिक सरगर्मियां भी तेज हो गई हैं।
कांग्रेस नेता डॉ. लमथिनथांग हाओकिप ने दावा किया कि इस हमले में मारे गए लोग कोई आम नागरिक नहीं, बल्कि कुलतुह चर्च के 'हेड डीकन' (मुख्य पादरी के सहायक) और चर्च के युवा विभाग के अध्यक्ष थे। उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि घाटी और पहाड़ी इलाकों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और स्थिति को नियंत्रित करने में सरकार पूरी तरह विफल रही है, जो अब बर्दाश्त से बाहर हो चुका है। फिलहाल पूरे इलाके में तनाव का माहौल है और सुरक्षा बल स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
