Bihar Flood Update: बिहार में लगातार हो रही बारिश और नदियों के उफान से हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं। राज्य के 15 जिलों में रहने वाले लगभग 48.35 लाख लोग इस समय बाढ़ की विभीषिका झेल रहे हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि पिछले कुछ घंटों में अधिकतर प्रमुख नदियों का जलस्तर धीरे-धीरे घटने लगा है। इसके बावजूद, गंगा, कोसी, बागमती और पुनपुन जैसी कई नदियां कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं।
आपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस बाढ़ का सबसे ज्यादा असर पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय और अररिया जिलों में देखने को मिला है। सितंबर के महीने में सामान्य से करीब 20 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है, जिसकी वजह से राज्य के 87 प्रखंडों की 575 ग्राम पंचायतें पूरी तरह से जलमग्न हो गई हैं। खेती-किसानी से लेकर आम जीवन की रफ्तार पर पूरी तरह से ब्रेक लग गया है।
टाइम्स नाउ नवभारत पर यह भी पढ़ें: Delhi Factory Fire: दिल्ली की फैक्ट्री में लगी भीषण आग, जान बचाने के लिए तीसरी मंजिल से कूदने लगे लोग, कई घायल
NDRF की 10 और SDRF की 27 टीमें तैनात
प्रशासन बाढ़ प्रभावित इलाकों में तेजी से राहत कार्य चलाने में जुटा हुआ है। बेघर और बेबस हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए करीब 1,790 नावों को काम पर लगाया गया है। इसके अलावा, राहत कार्यों को गति देने के लिए एनडीआरएफ की 10 और एसडीआरएफ की 27 टीमों को प्रभावित जिलों में तैनात किया गया है।
पीड़ितों की मदद के लिए सरकार की ओर से 1,251 सामुदायिक रसोईघर चलाए जा रहे हैं, जहां रोजाना हजारों लोगों को भोजन दिया जा रहा है। साथ ही 13 विशेष राहत शिविर बनाए गए हैं, जिनमें करीब 12 हजार से अधिक लोगों के रहने, दवाइयों और रोजमर्रा के सामान की व्यवस्था की गई है। हालांकि पानी घटने से थोड़ी उम्मीद जगी है, लेकिन जब तक नदियां पूरी तरह से शांत नहीं होतीं, तब तक बिहार के लिए खतरा बरकरार है।
