Malviya Nagar Hotel Fire: दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड मामले में गिरफ्तार आरोपी लवकेश बजाज को अदालत ने 4 दिन की पुलिस हिरासत (रिमांड) में भेज दिया है। कोर्ट में सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस और आरोपी के वकील के बीच जोरदार कानूनी बहस देखने को मिली। जहां एक तरफ पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाने के लिए रिमांड की मांग की, वहीं दूसरी तरफ आरोपी के वकील ने इस गिरफ्तारी को ही अवैध बताते हुए सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का हवाला दिया। हालांकि, दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पुलिस की कार्रवाई को कानून सम्मत माना।
क्यों मांगी रिमांड?
दिल्ली पुलिस ने अदालत के सामने मजबूती से अपना पक्ष रखते हुए आरोपी की 4 दिन की रिमांड की मांग की। पुलिस ने इसके पीछे बड़ी दलीलें पेश कीं। पुलिस ने बताया कि होटल स्टाफ के कई सदस्यों से अभी पूछताछ बाकी है। आरोपी ने सिर्फ दो लोगों के नाम बताए हैं और बाकी स्टाफ का विवरण नहीं दे रहा है। अगर उसे राहत मिली, तो वह गवाहों और कर्मचारियों को प्रभावित कर सकता है। पुलिस ने आगे कहा कि अत्यधिक गर्मी के कारण फॉरेंसिक टीम पहले परिसर के भीतर प्रवेश नहीं कर सकी थी, जिससे जांच लंबित है। फॉरेंसिक टीम आज घटनास्थल का दौरा कर साक्ष्य जुटाएगी।
बचाव पक्ष की दलील
लोकेश बजाज के वकील ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई का कड़ा विरोध किया और इसे पूरी तरह गैर-कानूनी करार देते हुए आरोपी को तुरंत रिहा करने की मांग की। बजाज के वकील ने गिरफ्तारी को लेकर सर्वोच्च न्यायालय के पुराने फैसलों और दिशानिर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि इस मामले में तय नियमों का पालन नहीं किया गया है। दावा किया कि उन्हें अब तक एफआईआर (FIR) की कॉपी नहीं दी गई है। साथ ही कानून के मुताबिक आरोपी को उसकी समझ आने वाली भाषा में गिरफ्तारी के आधार नहीं बताए गए और न ही उसके परिवार को इसकी सही जानकारी मिली। वकील ने दलील दी कि लोकेश बजाज का खुद का बिजनेस है और इस घटना से उनकी खुद की इमारत भी प्रभावित हुई है, इसलिए वह खुद भी इस हादसे के पीड़ित हैं। व्यवसाय में कई कर्मचारी हैं, अतः जांच में हर व्यक्ति की भूमिका स्पष्ट होनी चाहिए, जो कि पुलिस ने नहीं की है।
पुलिस का पलटवार में दलील
पुलिस ने स्पष्ट किया कि आरोपी की गिरफ्तारी की जानकारी उसकी पत्नी को लिखित रूप में दे दी गई थी। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के आधार और इसके कारण आरोपी को लिखित रूप में उपलब्ध कराए गए थे, इसलिए सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन हुआ है।
अदालत का फैसला: गिरफ्तारी को माना सही
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और केस डायरी का अवलोकन करने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए माना कि दिल्ली पुलिस द्वारा की गई आरोपी की गिरफ्तारी पूरी तरह से विधिसम्मत और न्यायोचित (कानून के दायरे में) है। इसके साथ ही, अदालत ने दिल्ली पुलिस को मामले की विस्तृत जांच और फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाने के लिए आरोपी लोकेश बजाज को 4 दिन की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दे दिया।
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