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Malviya Nagar Hotel Fire: 'हिंदू-मुसलमान से ऊपर इंसानियत...' लाखों के गद्दे बिछाकर अरमान ने बचाईं 8 जिंदगियां

Malviya Nagar Hotel Fire: मालवीय नगर होटल अग्निकांड के दौरान एक दुकानदार ने अपने नुकसान की परवाह किए बिना लाखों के गद्दे होटल के नजदीक बिछा दिए, ताकि लोगों की जान बच सके।

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गद्दा दुकान का मालिक अरमान

Malviya Nagar Hotel Fire: दिल्ली के मालवीय नगर होटल अग्निकांड में एक गद्दा कारोबारी ने कुछ ऐसा किया कि हर ओर उसकी चर्चा हो रही है, शाबाशी मिल रही है। होटल में बुधवार को आग लगने के बाद जब चारों ओर धुआं और लपटें फैल गईं और लोग मदद के लिए चिल्लाने लगे, तब वहीं सामने एक गद्दा दुकानदार ने नुकसान की परवाह किए बिना लाखों के गद्दे सड़क पर बिछा दिए, ताकि होटल से कूदने वाले लोगों की जान बच सके।

गद्दे बिछा 8 लोगों की बचाई जान

आग लगने की सूचना मिलते ही दुकानदार अरमान अपने कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे और उन्होंने होटल के बाहर जमीन पर दर्जनों रजाइयां और गद्दे बिछाकर एक अस्थायी सुरक्षा कवच तैयार किया। इससे इमारत में फंसे लोगों को कूदकर सुरक्षित बाहर निकलने में मदद मिली। अरमान ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले गद्दे और रजाइयां बिछाईं। अरमान ने बताया, "एक पड़ोसी से सुबह करीब साढ़े आठ बजे आग लगने की सूचना मिलने पर मैं मौके पर पहुंचा। भूतल पर आग लगी हुई थी। कोई भी अंदर नहीं जा पा रहा था और बाहर नहीं आ पा रहा था। ऊपरी मंजिलों पर फंसे लोग चिल्ला रहे थे और पूछ रहे थे कि क्या वे कूद जाएं। इसके बाद मैंने तुरंत दुकान से करीब 20 से 25 रजाइयां और गद्दे निकालकर होटल के बाहर बिछा दिए।"

दुकानदार को लगभग 2 लाख का नुकसान

करीब चार दशक से होटल के सामने गद्दों की दुकान चला रहे परिवार ने बताया कि लोगों को चोट से बचाने के लिए कई गद्दों और रजाइयों को एक-दूसरे के ऊपर रखा गया था। अरमान ने कहा कि करीब आठ लोग उन पर कूदे और सुरक्षित बच गए। केवल कुछ लोगों को मामूली चोटें आईं।प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इमारत में धुआं भर जाने से अफरा-तफरी का माहौल था। उन्होंने कहा कि एक महिला अपने बच्चे को गोद में लेकर तीसरी मंजिल से कूद गई, जबकि अन्य लोग बाहर निकलने का रास्ता तलाश रहे थे। ऐसे समय में गद्दे और रजाइयां कई लोगों के लिए सहारा बने। अरमान के पिता रियाजुद्दीन ने कहा, "मुझे करीब दो लाख रुपये का नुकसान हुआ। हमने मृतकों और घायलों को बाहर निकालने के लिए चादरें भी दीं। रजाइयों के कवर भी दिए। हमारे पास जो भी सामान था, हमने मानवता के नाते सब दे दिया। हिंदू-मुसलमान से ऊपर इंसानियत है। हम सब हिंदुस्तानी हैं। जरूरतमंद लोगों की मदद करना मेरा फर्ज था।"

बच गई गद्दा दुकान

अरमान ने कहा कि यदि आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जाता तो उनकी दुकान भी इसकी चपेट में आ सकती थी। उन्होंने कहा, "आपातकालीन सेवाएं शीघ्र मौके पर पहुंच गई थीं और बचाव अभियान में उन्होंने सहयोग किया। सभी समय पर पहुंचे और उन्होंने हमारी काफी मदद की।"

होटल अग्निकांड में 21 की मौत

मालवीय नगर के घनी आबादी वाले हौज रानी क्षेत्र स्थित ’फ्लरिश स्टे’ होटल में लगी आग में 21 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 11 विदेशी नागरिक शामिल थे। अधिकारियों के अनुसार, घायल हुए 35 लोगों में से 19 का दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। यह होटल मुख्य रूप से पास स्थित मैक्स अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के ठहरने के लिए इस्तेमाल किया जाता था।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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